जम्मू, 27 जून भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने शनिवार को नेशनल कांफ्रेंस पर नए अधिवास नियमों के बारे में लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि इस मुद्दे पर झूठे प्रचार के लिए नेकां द्वारा शुरू किए गया अभियान उसके लिए ही ‘‘नुकसान’’ साबित होगा ।
पार्टी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्ववर्ती अलग संविधान के पक्षपाती और भेदभावपूर्ण नियमों को लोगों की भलाई के लिए दफना दिया गया।’’
जम्मू-कश्मीर भाजपा के राजनीतिक मामलों के विभाग प्रभारी और कश्मीरी पंडित नेता अश्विनी कुमार चुरुंगू ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 और 35ए के अंतर्गत आने वाले कानून और नियम अब एक इतिहास बन गये हैं। उन कानूनों को लेकर अब कोई भी चिल्लाता है, तो वह बस जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिवास के मुद्दे पर नेशनल कांफ्रेंस द्वारा चलाया गया अभियान उसके खुद के लिए नुकसानदायक होगा ।
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नेकां ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में लोगों को अधिवास प्रमाण पत्र देने को असंवैधानिक और जनविरोधी प्रक्रिया बताकर इसका विरोध किया था और कहा था कि इस कदम का मकसद स्थायी निवासियों को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करना है।
गौरतलब है कि बिहार के रहने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवीन कुमार चौधरी, जो पिछले 26 वर्षों से जम्मू-कश्मीर प्रशासन में सेवारत हैं, को अधिवास प्रमाणपत्र जारी करने के तुरंत बाद नेकां ने यह बयान दिया था।
सरकार ने इस साल 18 मई को जम्मू कश्मीर अधिवास प्रमाणपत्र प्रदान (प्रक्रिया) नियम 2020 को अधिसूचित किया और गैर-स्थानीय सरकारी कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों के गैर-स्थानीय लोगों को अधिवास प्रमाण पत्र के लिए पंजीकरण कराने की अनुमति दी।
चुरुंगू ने कहा कि नेकां नेताओं को अब अपना पाखंड बंद करना चाहिए।
उन्होंने यहाँ एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय संविधान अपने सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र, धर्म, जाति और लिंग के हों।’’
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