ताजा खबरें | बीजद ने रास में की महिला आरक्षण विधेयक पारित किए जाने की मांग

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. बीजू जनता दल ने बुधवार को राज्यसभा में मांग की कि महिला आरक्षण विधेयक को संसद में शीघ्र पारित किया जाना चाहिए क्योंकि संसद और राज्य विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण देश के विकास में बराबरी की योगदान देने वाली आधी आबादी के सशक्तीकरण को मजबूती देगा।

नयी दिल्ली, तीन फरवरी बीजू जनता दल ने बुधवार को राज्यसभा में मांग की कि महिला आरक्षण विधेयक को संसद में शीघ्र पारित किया जाना चाहिए क्योंकि संसद और राज्य विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण देश के विकास में बराबरी की योगदान देने वाली आधी आबादी के सशक्तीकरण को मजबूती देगा।

बीजू जनता दल के प्रसन्न आचार्य ने राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए यह मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि 2010 में इस सदन में महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ था लेकिन किन्हीं कारणों से यह विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो पाया।

आचार्य ने कहा ‘‘ देश की आबादी में 48.5 फीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की है लेकिन संसदीय व्यवस्था में उनकी भागीदारी कितनी है ? पिछले लोकसभा चुनाव में उनका प्रतिनिधित्व केवल 14 फीसदी रहा.... मात्र 14 प्रतिशत... । आधी आबादी का लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच में प्रतिनिधित्व केवल 14 फीसदी है। वैश्विक व्यवस्था में उनका संसदीय मंचों प्रतिनिधित्व 24 फीसदी है।’’

बीजद नेता ने दूसरे देशों का जिक्र करते हुए कहा कि अंतर-संसदीय रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में महिलाओं का संसदीय मंच में प्रतिनिधित्व 27 फीसदी, सऊदी अरब में 20 फीसदी, नेपाल में 32 फीसदी, बांग्लादेश में 27 फीसदी है।

आचार्य ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और आबादी में दुनिया में दूसरा स्थान रखने वाला भारत संसदीय मंच में, हमारी लोकसभा में महिलाओं की मात्र 14 फीसदी हिस्सेदारी रखता है।

उन्होंने कहा ‘‘यहां तक कि सूडान, सऊदी अरब, पाकिस्तान जैसे मुस्लिम देशों में तक महिलाओं का प्रतिनिधित्व भारत की तुलना में अधिक है।’’

आचार्य ने कहा ‘‘लोकसभा में सरकार के पास बहुमत है। राज्यसभा में यह विधेयक पारित हो चुका है फिर इसे लोकसभा में पारित कराने में क्या दिक्कत है। निजी तौर पर यह मेरी समझ से परे है।’’

उन्होंने कहा कि बीजद और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक बार बार यह मांग उठाते रहे हैं कि महिलाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में वह राजनीतिक भागीदारी दी जाए जिसकी वह हकदार हैं।

आचार्य ने कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है। कई क्षेत्रों में उनका काम पुरुषों की तुलना में अधिक सराहनीय रहा है। फिर वह अपने राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए कब तक इंतजार करती रहेंगी?

इससे पहले, शून्यकाल में बीजद के सस्मित पात्रा ने महिला आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में खुद को साबित कर चुकी हैं लेकिन अपने अधिकारों से वे अब तक वंचित हैं।

पात्रा ने कहा ‘‘वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तिकरण तब ही हो पाएगा जब राजनीति सहित हर क्षेत्र में महिलाओं को समुचित प्रतिनिधित्व मिलेगा।’’

बीजद सदस्य ने महिला आरक्षण विधेयक पारित किए जाने की मांग की।

मनीषा

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