कोलकाता, 29 नवंबर पश्चिम बंगाल विधानसभा ने बुधवार को विधायकों और मंत्रियों का वेतन 40,000 रुपये प्रति माह बढ़ाने संबंधी विधेयक पर अपनी मुहर लगा दी।
विधानसभा में जब सदस्य पारिश्रमिक (संशोधन) विधेयक 2023 को मंजूरी दी जा रही थी तब विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे।
विधानसभा में मौजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘मैंने उचित तरीके से वेतन बढ़ाया है और अगर मुझे अवसर मिला तो मैं इसे फिर से बढ़ाऊंगी।’’
उन्होंने कहा कि पहले विधायकों को 10,000, राज्य मंत्रियों को 10,900 रुपये और प्रभारी मंत्रियों को 11,000 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन अब उन्हें क्रमश: 50,000 रुपये, 50,900 रुपये और 51,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
भाजपा ने विधायकों का वेतन बढ़ाने के फैसले की आलोचना की है।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘जिनके पास बहुत पैसा है वे शोर मचा रहे हैं, हंगामा कर रहे हैं। ऐसे कई विधायक हैं जिनके पास करोड़ों की संपत्ति है और उन्हें इससे अधिक की जरूरत नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि लेकिन कई अन्य हैं जो जीवनयापन के लिए यह कमाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास पंचायत सदस्य हैं जो 100 दिन की योजना के लिए काम करते हैं। वे कोई समस्या पैदा नहीं कर रहे हैं। क्या आपका दिल उनके लिये नहीं दुखी होता?’’ भाजपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवा कपड़े पहनने से कोई संत नहीं हो जाता।
ममता बनर्जी ने सात सितंबर को कहा था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायकों का वेतन अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।
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