जरुरी जानकारी | व्यापक रूपरेखा के साथ निजी जानकारी के संरक्षण से जुड़ा विधेयक संसद में पेश किया जाएगा: चंद्रशेखर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा कि सरकार निजी जानकारी की गोपनीयता, उभरती प्रौद्योगिकी और आंकड़ों के रखरखाव के लिये अलग से नियमों के साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं को शामिल करते हुए एक व्यापक विधेयक लाएगी।
नयी दिल्ली, तीन अगस्त केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा कि सरकार निजी जानकारी की गोपनीयता, उभरती प्रौद्योगिकी और आंकड़ों के रखरखाव के लिये अलग से नियमों के साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं को शामिल करते हुए एक व्यापक विधेयक लाएगी।
सरकार ने बुधवार को लोकसभा में व्यक्तिगत जानकारी के संरक्षण से जुड़े विधेयक, 2021’ को वापस ले लिया और कहा कि वह इस संदर्भ में यह नया विधेयक लाएगी जो व्यापक रूप से कानूनी ढांचे में ‘फिट’ बैठेगा।
सूत्रों के मुताबिक, नये स्वरूप में विधेयक आईटी कानून में संशोधन, राष्ट्रीय आंकड़ा रखरखाव नियम आदि के साथ करीब छह महीने में संसद में पेश किया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्यमंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि दोनों सदनों की संयुक्त समिति (जेसीपी) की तरफ से पेश विधेयक में व्यापक मुद्दों को शामिल किया गया था, जिस पर गौर करने और विभिन्न नियमों के तहत उसके समाधान की जरूरत थी।
उन्होंने कहा, ‘‘उसपर व्यापक विचार-विमर्श और रिपोर्ट पर गौर करने के बाद यह पाया गया कि जेसीपी की कुछ टिप्पणियों और उभरती चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए कानून और नियमों को व्यापक रूप से फिर से तैयार करने की जरूरत है।’’
इस विधेयक को 11 दिसंबर, 2019 को सदन में पेश किया गया था। इसके बाद इसे दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेज दिया गया था। समिति की रिपोर्ट 16 दिसंबर, 2021 को लोकसभा में पेश की गई।
मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद विधेयक को वापस ले लिया गया।
चंद्रशेखर ने कहा कि जेसीपी की रिपोर्ट में बड़ी संख्या में मुद्दों और चुनौतियों रखा गया था जो डिजिटल परिवेश के साथ समकालीन चुनौतियों का हिस्सा हैं और उन सभी के बारे में विस्तार से बात कही गयी थी।
उन्होंने कहा कि सरकार अब एक साथ आईटी अधिनियम संशोधन, निजी जानकारी का संरक्षण, राष्ट्रीय आंकड़ा रखरखाव नियम, साइबर सुरक्षा आदि पर काम करेगी और उन्हें संसद में पेश करेगी।
चंद्रशेखर ने कहा, “नागरिकों के लिये उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत मौलिक अधिकार के रूप में निजता का अधिकार बना रहेगा। विधेयक को वापस लेने से नागरिकों के मौलिक अधिकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।’’
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