26 अगस्त की बड़ी खबरें
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ईरान: जब तक अमेरिका युद्ध खत्म नहीं करता, होर्मुज बंद रहेगा
कनाडा ने दिया अमेरिकी टैरिफ का जवाब, पड़ोसी देशों के बीच व्यापार युद्ध हुआ तेज
ऑपरेशन सिंदूर: पूर्व सीडीएस बोले, भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं
जर्मनी: 2027 से म्यूनिख में चलेंगी रोबोटैक्सी
ईरान के साथ व्यापार के आरोप पर अमेरिका ने चार भारतीय कंपनियों को किया प्रतिबंधित
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम का किया विरोध
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, कई मौत
नेपाल के रसुवा में बुधवार, 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. बाढ़ की चपेट में आकर कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गांव, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं. प्रभावित इलाकों स्याब्रुबेसी और टिमुरे में बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर भेजे गए, लेकिन तेज बहाव और ऊंचे जलस्तर के कारण वे उतर नहीं सके.
जिला प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ सकती है. अधिकारियों के अनुसार भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने नदी किनारे बसे गांवों और बुनियादी ढांचे को बहा दिया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनी, जिसके बाद लोग जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागने लगे. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है.
चीन के तिब्बत क्षेत्र में नेपाल सीमा से सटे ग्यिरोंग काउंटी में भूस्खलन और बाढ़ से भारी नुकसान की खबर है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार कई लोग हताहत हुए हैं और कुछ लापता हैं. नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि बाढ़ से लगभग 430 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है, जो देश की कुल जलविद्युत क्षमता का 12 प्रतिशत से अधिक है.
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम का किया विरोध
न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के आगामी कार्यक्रम का समर्थन करने से इनकार कर दिया है. आरएसएस को भारत की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का वैचारिक संगठन माना जाता है.
इवेंट वेबसाइट के मुताबिक, मोहन भागवत शनिवार, 29 अगस्त को मैनहट्टन में आयोजित एक कार्यक्रम में भाषण देंगे. आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम हिंदू अमेरिकी समुदाय को एकजुट करने और अंतर-धार्मिक एकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है.
लेकिन आरएसएस की विचारधारा से इत्तेफाक ना रखने वाले भारतीय मूल के ममदानी ने कहा, "मेरे परिवार ने मुझे भारत की जो तस्वीर दिखाई और जिसे देखते हुए मैं बड़ा हुआ, वह एक ऐसे धर्मनिरपेक्ष गणराज्य और विविधता वाले समाज की थी, जिसमें भारत के हर व्यक्ति को अपनापन महसूस होता था. और अब एक ऐसे आंदोलन का बढ़ना बहुत चिंताजनक है, जिसकी सोच ही लोगों को अलग-थलग करने वाली है."
यह पूछे जाने पर कि क्या कार्यक्रम को रद्द किया जा सकता है, ममदानी ने कहा कि वे इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते और उन्हें नहीं पता कि शहर के पास किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार है या नहीं.
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूहों ने हाल के सालों में बीजेपी के नेतृत्व में भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई है. हालांकि भारत सरकार इन भेदभाव के दावों को नकारती है.
22 हजार फीट से छलांग, माइनस 15 डिग्री तापमान पर किया पैराशूट सिस्टम का सफल परीक्षण
भारत ने अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में सैनिकों की पैराशूट क्षमता में बड़ी सफलता हासिल की है. डीआरडीओ के एडीआरडीई द्वारा विकसित मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम (एमसीपीएस) का न्योमा के मुध ड्रॉप जोन में सफल परीक्षण हुआ.
इस परीक्षण के दौरान एडीआरडीई के प्रशिक्षित परीक्षण जम्परों ने करीब 22 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई. यही नहीं इस ऊंचाई पर तापमान करीब माइनस 15 डिग्री सेल्सियस था. इतनी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद पैराशूट प्रणाली और उससे जुड़े सभी स्वदेशी उप-तंत्रों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया. परीक्षण के दौरान एडीआरडीई के मुख्य परीक्षण जम्पर विंग कमांडर राहुल झा, एमडब्ल्यूओ आर. जे. सिंह, वीएम (जी) और एमडब्ल्यूओ विवेक तिवारी ने 22 हजार फीट की ऊंचाई से यह छलांग लगाई.
डीआरडीओ के अनुसार जंप के दौरान एमसीपीएस को 20 हजार फीट की ऊंचाई पर सफलतापूर्वक खोला गया. इसके बाद परीक्षण जम्परों ने नियंत्रित तरीके से नीचे उतरते हुए 13,700 फीट की ऊंचाई पर सुरक्षित लैंडिंग की.
ईरान के साथ व्यापार के आरोप पर अमेरिका ने चार भारतीय कंपनियों को किया प्रतिबंधित
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने प्रतिबंध अभियान को और तेज करते हुए चार भारतीय कंपनियों और तीन भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत स्थित कस्टम्स ब्रोकर पोर्टीज पार्टनर्स एलएलपी पर आरोप लगाया है कि उसने ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कई खेप भारत पहुंचाने में भूमिका निभाई. कंपनी के साझेदार इंद्रिसमिया अशरफमिया शेख और हरीश रामचंद्र रांगी को भी प्रतिबंधित किया गया है. साथ ही सदाशिवा ओवरसीज लिमिटेड, पीपी सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड और प्रकृतीज इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भी अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है.
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अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां ईरानी मूल के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात या व्यापार में शामिल थीं. वॉशिंगटन के अनुसार, सदाशिवा ओवरसीज ने 2024 से 2025 के बीच लगभग 6.9 करोड़ डॉलर मूल्य के ईरानी पेट्रोलियम उत्पाद आयात किए, जबकि पीपी सॉफ्टटेक और प्रकृतीज इंफ्रा इम्पेक्स प्रत्येक पर करीब 2.5 करोड़ डॉलर के ईरानी उत्पादों के आयात का आरोप है. पीपी सॉफ्टटेक के निदेशक प्रशांत गर्ग को भी प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है.
जर्मनी: 2027 से म्यूनिख में चलेंगी रोबोटैक्सी
गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट की कार कंपनी ‘वेमो,’ जर्मनी के म्यूनिख शहर में अपनी रोबोटैक्सी सेवा शुरू करेगी. यह यूरोपीय संघ के बाजार में अमेरिकी कंपनी का पहला प्रवेश होगा. वेमो ने बताया है कि आम जनता के लिए यह रोबोटैक्सी सेवा 2027 के अंत तक शुरू की जाएगी. कंपनी आने वाले हफ्तों में म्यूनिख की सड़कों की मैपिंग शुरू करेगी. इस दौरान विशेषज्ञ ड्राइवर गाड़ियों का परीक्षण करेंगे.
चीन: रोबोटैक्सी से कितने खतरे में ड्राइवरों की नौकरियां
वेमो की सह-मुख्य कार्यकारी टेकेद्रा मावाकाना ने म्यूनिख को गतिशीलता और इंजीनियरिंग का ‘वर्ल्ड-क्लास’ केंद्र बताया. जर्मनी का बवेरिया राज्य बीएमडब्ल्यू जैसी बड़ी वाहन कंपनियों का केंद्र है. बवेरिया राज्य सरकार के मंत्री फ्लोरिआन हेरमन ने इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि सेल्फ ड्राइविंग भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक है.
इससे पहले वेमो इस साल लंदन और टोक्यो में भी अपनी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है.
वेमो को लेकर मीडिया में खबरें आती रही हैं, जहां बीच रास्ते वेमो बंद हो गई. तकनीकी समस्याओं के चलते, मई में वेमो को पांच अमेरिकी राज्यों में अपनी सेवा रोकनी पड़ी. इसके अलावा, इंसानी ड्राइवर भी रोबोटैक्सी का विरोध करते आए हैं.
ऑपरेशन सिंदूर: पूर्व सीडीएस बोले, भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम को लेकर भारत के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने अमेरिका के मध्यस्थता दावे को खारिज करते हुए कहा है कि यह फैसला दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के बीच सीधे बातचीत से हुआ था. मंगलवार, 25 अगस्त को नई दिल्ली के विवेकानंद केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि युद्धविराम तय करने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी और दोनों देशों ने अपने स्तर पर समय तय कर बातचीत के बाद यह निर्णय लिया.
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जनरल चौहान ने यह भी सवाल उठाया कि युद्धविराम की जानकारी भारत की आधिकारिक घोषणा से पहले अमेरिका तक कैसे पहुंच गई. उन्होंने कहा कि यह सूचना भारतीय पक्ष से लीक नहीं हुई थी और संभव है कि दूसरी ओर से इसकी जानकारी बाहर गई हो. चौहान ने कहा कि डीजीएमओ स्तर पर हुई बातचीत और उससे जुड़े मामलों में गोपनीयता बनाए रखी जाती है, इसलिए इस सूचना के सार्वजनिक होने की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि उनकी सरकार ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने में भूमिका निभाई थी. ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका ने दोनों देशों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद दोनों पक्ष सैन्य टकराव रोकने पर सहमत हुए. हालांकि भारत ने ट्रंप के इस दावे को कई बार खारिज किया है और दोहराया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा भारतीय समकक्ष से संपर्क किए जाने के बाद द्विपक्षीय स्तर पर लिया गया था.
कनाडा ने दिया अमेरिकी टैरिफ का जवाब, पड़ोसी देशों के बीच व्यापार युद्ध हुआ तेज
कनाडा ने मंगलवार, 25 अगस्त को अमेरिका पर करीब 20 अरब डॉलर के अमेरिकी सामानों पर जवाबी टैरिफ लगाया. इसमें स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण और कृषि उपकरण शामिल हैं. दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापार युद्ध तेजी से बढ़ गया है.
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कनाडा ने ये टैरिफ औद्योगिक सामानों के अलावा रोजमर्रा की चीजों पर भी लगाए गए हैं. इनमें सीफूड, पनीर, कपड़े, सौंदर्य उत्पाद और टॉयलेट पेपर शामिल हैं. कुछ चीजों पर 50 फीसदी तक का टैरिफ भी लगाया गया है. कनाडाई वित्त मंत्री फ्रांकोइस-फिलिप शैम्पे ने कहा कि हमने यह संघर्ष खुद नहीं चुना है. उन्होंने इसे कनाडा पर थोपी गई एक अभूतपूर्व चुनौती बताया.
इस टकराव से दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक संबंधों में से एक खतरे में पड़ गया है. लंबे समय तक चलने वाला यह विवाद अमेरिकी कारोबारियों और उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ा सकता है.
ईरान: जब तक अमेरिका युद्ध खत्म नहीं करता, होर्मुज बंद रहेगा
जहां एक तरफ ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अस्थायी नौवहन गलियारा बनाने की बातचीत जारी है. वहीं दूसरी तरफ ईरान ने बुधवार, 26 अगस्त को कहा कि जब तक अमेरिका युद्ध समाप्त नहीं करता, यह महत्वपूर्ण जलमार्ग पूरी तरह नहीं खोला जाएगा. उधर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की धमकी दी हुई है.
होर्मुज का बैकअप प्लान तैयार करने के लिए बेचैन खाड़ी देश
अमेरिका और इस्राएल का ईरान के साथ युद्ध लगभग छह महीनों से जारी है. इस कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाला यातायात पूरी तरह से ठप है. दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस निर्यात का लगभग 20 फीसदी इसी रास्ते से गुजरता है. इसके जवाब में अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी है.
इस्लामाबाद के सरकारी अस्पताल में आग लगने से 14 बच्चों की मौत
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड हेल्थ वार्ड में बुधवार, 26 अगस्त की सुबह भीषण आग लगने से 14 नवजात की मौत हो गई. जिला प्रशासन के अनुसार, आग अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित प्रसूति एवं शिशु देखभाल वार्ड में लगी. घटना के तुरंत बाद बचाव दल, पुलिस और विशेषज्ञों की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया. अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.
इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त सोहैल अशरफ ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे आपातकालीन सूचना मिलने के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया. पाकिस्तान में बड़े भवनों में आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं, जिनका प्रमुख कारण सुरक्षा मानकों की कमी और नियमों का कमजोर पालन माना जाता है. इससे पहले जनवरी में कराची के एक शॉपिंग सेंटर में आग लगने से 65 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2023 में एक अन्य मॉल में लगी आग में 11 लोगों की जान गई थी.