देश की खबरें | आर के आनंद को बड़ा झटका, राष्ट्रीय खेल में घोटाला मामले में प्राथमिकी रद्द करने संबंधी याचिका खारिज

रांची, छह जुलाई उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं झारखंड में 2011 में हुए 34वें राष्ट्रीय खेल आयोजन समिति के तत्कालीन अध्यक्ष आर के आनंद को मंगलवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब घोटाले में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी। इसके साथ ही आनंद के खिलाफ खिलाफ निचली अदालत में मुकदमा चलने का रास्ता साफ हो गया है।

झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए. के. चौधरी की पीठ ने राज्य में 2011 में हुए 34वें राष्ट्रीय खेल में घोटाले के मामले में आरोपी राष्ट्रीय खेल आयोजन समिति (एनजीओसी) के तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष आनंद के खिलाफ इस मामले में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से इंकार कर दिया है।

इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने पर पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रखा लिया था।

इससे पहले सुनवाई के दौरान आनंद ने अदालत से कहा था कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और उन्होंने खुद खेलों के आयोजन में गड़बड़ी की शिकायत की थी लेकिन उन्हें ही आरोपी बना दिया गया। आनंद ने कहा कि उनका नाम प्राथमिकी में नहीं था लेकिन जांच में उनका नाम जोड़ दिया गया।

जवाब में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (एसीबी) की जांच में आनंद के खिलाफ सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के पर्याप्त सबूत मिले हैं और ब्यूरो ने विशेष अदालत में उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया है।

अदालत ने सरकार की ओर से पेश तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर आनंद की याचिका खारिज कर दी।

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