इससे पहले, जो बाइडेन डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए मिशिगन की गवर्नर ग्रेचन व्हिटमर को चुनना चाहते थे। व्हिटमर ने मिशिगन में लोकप्रियता और कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ अपने आक्रामक रवैये के कारण बाइडेन और उनकी चुनाव प्रचार मुहिम टीम का ध्यान खींचा था, लेकिन इसी बीच पुलिस कार्रवाई में काले व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद नस्ली भेदभाव और असमानता के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन शुरू हो गए।
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया से अवगत डेमोक्रेटिक पार्टी के उच्च अधिकारी ने बताया कि इन प्रदर्शनों के बीच व्हिटमर ने बाइडेन की टीम को लिखे पत्र में कहा था कि वह अपने नाम पर विचार किए जाने से सम्मानित महसूस कर रही हैं, लेकिन अब वह इस पद की उम्मीदवारी का दावेदार नहीं बनना चाहतीं। उन्होंने इस पद के लिए किसी काली महिला को उम्मीदवार बनाए जाने की सिफारिश की थी।
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अधिकारी ने बताया कि बाइडेन ने व्हिटमर से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनसे अपने फैसले पर पुन: विचार करने को कहा था और वह उम्मीदवार बनने के लिए राजी हो गई थीं, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के अन्य सदस्य चाहते थे कि बाइडेन किसी काली महिला को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनें।
फ्लॉयड और अन्य काले अमेरिकियों की मौत के बाद देशभर में प्रदर्शन बढ़ने के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सदस्यों ने बाइडेन से अपील की कि वे चुनाव में अश्वेत लोगों की महत्ता के मद्देनजर इस पद के लिए काले रंग की किसी महिला का चयन करें।
उन्होंने बताया कि इन सभी बातों पर विचार करते हुए बाइडेन ने कैलिफोर्निया की सीनेटर कमला हैरिस को चुना।
ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई काली महिला देश की किसी बड़ी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनी हैं। यदि हैरिस उपराष्ट्रपति बन जाती हैं, तो वह इस पद पर काबिज होने वाली अमेरिका की पहली महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी उपराष्ट्रपति होंगी।
हैरिस (55) के पिता अफ्रीकी और मां भारतीय हैं।
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