देश की खबरें | बंगाल: पंचायत चुनाव से जुड़ी हिंसा में घायल तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता की मौत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में आठ जुलाई को पंचायत चुनाव से एक दिन पहले एक राजनीतिक संघर्ष में घायल हुए 61 वर्षीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता की शनिवार को मौत हो गई। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी।
कोलकाता, 15 जुलाई पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में आठ जुलाई को पंचायत चुनाव से एक दिन पहले एक राजनीतिक संघर्ष में घायल हुए 61 वर्षीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता की शनिवार को मौत हो गई। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी।
टीएमसी ने हत्या के लिए इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) पर आरोप लगाया, लेकिन विपक्षी दल ने आरोप को खारिज कर दिया है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि सात जुलाई की रात भांगड़ में शेख मुस्लिम पर लोहे की छड़ों से हमला हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना पंचायत चुनाव शुरू होने से कुछ घंटों पहले की है, जब शेख जंगल को पार कर रहा था।
अधिकारी ने कहा कि कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
भांगड़ में पार्टी गतिविधियों की बागडोर संभाल रहे कैनिंग पूर्व से टीएमसी विधायक शौकत मुल्ला ने आईएसएफ कार्यकर्ताओं पर मुस्लिम पर बिना किसी उकसावे के हमला करने का आरोप लगाया। शौकत का कहना है कि आईएसएफ इलाके में आतंक का साम्राज्य स्थापित करना चाहती है।
भांगड़ को आईएसएफ की दमदार पकड़ वाला इलाका माना जाता है और पार्टी का एकमात्र विधायक इसी विधानसभा क्षेत्र से है।
आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की किसी भी तरह की हिंसा में संलिप्तता से इनकार किया है और इस तरह की घटनाओं के पीछे छिपे सच को सामने लाने के लिए एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सिद्दीकी ने दावा किया कि ये टीएमसी के गुंडे हैं जो अतीत में कई आईएसएफ कार्यकर्ताओं पर हमला कर चुके हैं और कई हत्याओं को अंजाम दे चुके हैं।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि मुस्लिम की मौत के बाद आठ जून को जब से पंचायत चुनाव की तारीख घोषित हुई हैं तब से अब तक 39 लोगों की चुनाव से संबंधिंत हिंसा में मौत हो चुकी है।
जिन लोगों ने अब तक जान गंवाई है उनमें से ज्यादातर लोग टीएमसी से संबंधित हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चुनावी हिंसा की इस संस्कृति को रोक पाने में विफल होने का आरोप लगाया, जिसमें अब तक बहुत से लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने कहा, ''हर मौत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। ऐसा नहीं होना चाहिए। ऐसा क्यों है कि केवल पश्चिम बंगाल में ही पंचायत चुनाव गोलियों, बमों, हिंसा और जानमाल के नुकसान का पर्याय बन गया है?
इस बीच शुक्रवार रात को दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग में एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
टीएमसी ने दावा किया कि मृतक उसकी पार्टी का समर्थक था और आरोप लगाया कि आईएसएफ इस हत्या में शामिल है।
पुलिस सूत्रों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि यह हत्या राजनीति से जुड़ी है या नहीं।
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