देश की खबरें | बेअंत सिंह हत्या: पंजाब सरकार ने हवारा की याचिका का शीर्ष अदालत में विरोध किया

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नयी दिल्ली, चार फरवरी पंजाब सरकार ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में जगतार सिंह हवारा की उस याचिका का विरोध किया जिसमें उसने खुद को दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।

हवारा 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

दलीलें न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष पेश की गईं।

पंजाब की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि हवारा को पहले चंडीगढ़ जेल में रखा गया था।

पीठ ने हवारा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंजाल्विस से पूछा कि क्या इस याचिका में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को भी पक्षकार बनाया गया है। गोंजाल्विस ने कहा कि वह चंडीगढ़ को भी पक्षकार बनाएंगे।

मामले में चंडीगढ़ को पक्षकार बनाने की अनुमति देते हुए पीठ ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को नोटिस जारी करके चार सप्ताह के भीतर हवारा की याचिका पर जवाब मांगा।

पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि हवारा ने 2018 में दिल्ली उच्च न्यायालय में इसी तरह की राहत का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि हवारा पंजाब जेल नियमावली पर भरोसा कर रहा था, जो उस पर लागू नहीं थी क्योंकि उस पर चंडीगढ़ में मुकदमा चला था और वह वहीं की जेल में बंद था।

सिंह ने कहा, ‘‘पंजाब में उसका कोई दावा नहीं है। अगर उसे स्थानांतरित किया जाना है, तो वह केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ होगा।’’

गोंजाल्विस ने कहा कि हवारा की सीमित प्रार्थना में उसे पंजाब की किसी भी जेल में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि हवारा के परिवार की एकमात्र सदस्य उसकी बेटी है जो पंजाब में रहती है।

पिछले साल सितंबर में शीर्ष अदालत ने हवारा की याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा था।

हवारा 31 अगस्त, 1995 को चंडीगढ़ में सिविल सचिवालय के प्रवेश द्वार पर हुए विस्फोट में बेअंत सिंह की हत्या से संबंधित मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इस विस्फोट में 16 अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी।

उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में कहा गया है कि 22 जनवरी 2004 को कथित तौर पर जेल से फरार होने के अलावा जेल में हवारा का आचरण साफ सुथरा था। उसे हालांकि बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था।

अधिवक्ता सत्य मित्रा के माध्यम से दायर याचिका में हवारा को जेल स्थानांतरित करने का अनुरोध करते हुए कहा गया कि उसके खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज कोई भी मामला लंबित नहीं है। इसमें कहा गया है कि हवारा की दोबारा गिरफ्तारी से लेकर आज तक 19 साल बीत चुके हैं और जेल में याचिकाकर्ता का प्रदर्शन बेदाग रहा है।

याचिका में कहा गया है कि बेअंत सिंह की हत्या के बाद याचिकाकर्ता पर 36 झूठे मामले दर्ज किए गए थे और एक मामले को छोड़कर उसे सभी में बरी कर दिया गया था।

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