जरुरी जानकारी | बीसी जिंदल समूह नवीकरणीय ऊर्जा कलपुर्जा विनिर्माण क्षेत्र में उतरा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीसी जिंदल समूह ने मंगलवार को नवीकरणीय ऊर्जा कलपुर्जा विनिर्माण क्षेत्र में उतरने की घोषणा की। इसके लिए समूह की 2030 तक 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है।
नयी दिल्ली, 15 अप्रैल बीसी जिंदल समूह ने मंगलवार को नवीकरणीय ऊर्जा कलपुर्जा विनिर्माण क्षेत्र में उतरने की घोषणा की। इसके लिए समूह की 2030 तक 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है।
समूह ने बयान में कहा कि अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए वह नये क्षेत्रों में प्रवेश करेगा और सौर सेल तथा मॉड्यूल, भंडारण बैटरी सेल और सौर ग्लास सहित प्रमुख कलपुर्जों का विनिर्माण शुरू करेगा।
बीसी जिंदल समूह का वार्षिक कारोबार 18,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
समूह का लक्ष्य 2030 तक 15,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ क्षमता वृद्धि हासिल करना है। परियोजना के पहले चरण में समूह 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
इस चरण में दो गीगावाट सौर सेल विनिर्माण/ सौर मॉड्यूल उत्पादन, चार गीगावाट घंटे की बैटरी भंडारण क्षमता और 1,200 टन प्रतिदिन की क्षमता वाली सौर ग्लास विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।
बीसी जिंदल समूह के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘नवीकरणीय ऊर्जा कलपुर्जा विनिर्माण क्षेत्र में हमारा प्रवेश 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के भारत के लक्ष्य का समर्थन करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
समूह ने कहा कि उसने नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण बनाने के संयंत्र स्थापित करने के लिए दो राज्यों - महाराष्ट्र और गुजरात को चुना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)