देश की खबरें | बैंक्वेट हॉल ने कोविड अस्पताल में बदलने के लिए अधिग्रहण के दिल्ली सरकार के फैसले को चुनौती दी
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नयी दिल्ली, 18 जून बैंक्वेट हॉल चलाने वाली एक कंपनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए दिल्ली सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें परिसर को विस्तारित कोविड अस्पताल में परिवर्तित करने के लिए अधिग्रहण किया गया है।

याचिका में कहा गया है कि परिसर शादियों के लिए बुक है।

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यह याचिका वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में 'मरीना ड्रीम्स बैंक्वेट' चलाने वाली मैसर्स चिंतपूर्णी ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड ने दायर किया है।

कंपनी ने दावा किया कि 12 जून के आदेश में जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन कानून (डीएमए) के प्रावधानों के तहत अधिग्रहण किया है यह विस्तारित कोविड अस्पताल में परिवर्तित करने के लिए किया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि यह आदेश कानून के विपरीत है और खारिज करने लायक है।

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यह याचिका बुधवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह के समक्ष सुनवाई के लिए आयी। उन्होंने सवाल किया कि क्या सामुदायिक केंद्रों, प्रदर्शनी हॉल और स्टेडियम जैसी सार्वजनिक संपत्ति का भी अधिग्रहण किया गया है।

इस पर दिल्ली सरकार के वकील सत्यकाम ने कहा कि यह मुद्दा प्रासंगिक नहीं है क्योंकि सरकार को यह पहचान करने का अधिकार है कि कौन सी इकाई कोविड अस्पताल में परिवर्तित होने के लिए उपयुक्त और प्रभावी हैं।

उन्होंने कहा कि वह बिना किसी पूर्वाग्रह के उत्तर-पश्चिम दिल्ली क्षेत्र में उन सभी संपत्ति की सूची दाखिल करने के लिए तैयार हैं, जिन्हें कोविड अस्पताल बनाने के लिए लिया गया है।

अदालत ने कहा कि सूची 24 जून को अगली सुनवाई से कम से कम एक दिन पहले दाखिल की जाए।

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