जरुरी जानकारी | बैंकों को तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलाव को अपनाने की जरूरत: वित्तीय सेवा सचिव नागराजू
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने शुक्रवार को कहा कि बैंकों को तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी संबंधी बदलाव अपनाने होंगे, मुख्य प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना होगा तथा वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती सुनिश्चित करने के लिए अनुपालन और जोखिम उपायों को प्राथमिकता देनी होगी।
नयी दिल्ली, 24 जनवरी वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने शुक्रवार को कहा कि बैंकों को तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी संबंधी बदलाव अपनाने होंगे, मुख्य प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना होगा तथा वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती सुनिश्चित करने के लिए अनुपालन और जोखिम उपायों को प्राथमिकता देनी होगी।
आईबीए के 20वें वार्षिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी सम्मेलन ‘एक्सपो एंड साइटेशंस - 2025’ में विकसित भारत के लिए भविष्य के लिए तैयार बैंकिंग पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान सूचकांक (डीपीआई) और एकीकृत ऋण इंटरफेस (यूएलआई) जैसी प्रौद्योगिकी संबंधी प्रगति वित्तीय समावेश को सशक्त बना रही है।
नागराजू कहा, “बैंकों को तीव्र बदलावों के अनुकूल होना होगा, मुख्य प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना होगा, तथा वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती सुनिश्चित करने के लिए अनुपालन और जोखिम उपायों को प्राथमिकता देनी होगी।”
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बैंकों का विस्तार करना, ऋण अंतराल को कम करना तथा बीमा और पेंशन दायरा का विस्तार करना 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण है।
वित्तीय सेवा सचिव ने जेएएम, एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और ई-कॉमर्स मंच ओएनडीसी जैसे नवाचारों से प्रेरित भारत के उभरते वित्तीय परिदृश्य का भी जिक्र किया।
कृत्रिम मेधा (एआई)/ मशीन लर्निंग (एमएल) की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि यह किस प्रकार बैंकिंग दक्षता और ग्राहक सेवा को बढ़ाता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)