विदेश की खबरें | बांग्लादेश आग: दमकल कर्मी तीसरे दिन भी आग बुझाने को करते रहे मशक्कत, मृतकों की संख्या 41 पहुंची

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बांग्लादेशी दमकल कर्मी कंटेनर डिपो में लगी विनाशकारी आग बुझाने के लिए सोमवार को भी मशक्कत करते रहे। इस घटना में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई है जबकि करीब 300 जख्मी हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चटगांव बंदरगाह में निजी कंपनी ने निर्यात किए जाने वाले कपड़ों के पास खतरनाक रसायनों को रखा हुआ था।

ढाका, छह जून बांग्लादेशी दमकल कर्मी कंटेनर डिपो में लगी विनाशकारी आग बुझाने के लिए सोमवार को भी मशक्कत करते रहे। इस घटना में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई है जबकि करीब 300 जख्मी हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चटगांव बंदरगाह में निजी कंपनी ने निर्यात किए जाने वाले कपड़ों के पास खतरनाक रसायनों को रखा हुआ था।

देश के मुख्य चटगांव सीपोर्ट (बंदरगाह) के पास बांग्लादेश-डच के संयुक्त उपक्रम रसायन कंटेनर डिपो में शनिवार शाम भीषण आग लग गई थी।

घटना में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई घायलों की हालत नाज़ुक है।

अग्निशमन विभाग के प्रवक्ता अनीस-उर-रहमान ने घटना स्थल के करीब पत्रकारों से कहा, “हमारे दमकलकर्मी अब भी आग बुझाने और आग को और फैलने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं। आग स्पष्ट रूप से रसायन के कंटेनर में लगी थी।”

टीवी पर प्रसारित फुटेज में दिख रहा है कि बंदरगाह शहर के बाहरी इलाके सीताकुंडा में स्थित बीएम कंटेनर डिपो से धुआं निकल रहा है।

त्रासदी की जांच के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं और मामले की तफ्तीश चल रही है, लेकिन अग्निशमन विभाग ने कहा कि उसकी शुरुआती जांच में सामने आया है कि डिपो में सुरक्षा उपकरण नाम मात्र के थे। ।

दमकल अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कंटेनर डिपो के प्रबंधन ने बचावकर्मियों को वहां रसायन रखे होने के बारे में सूचित नहीं किया, जिससे दमकल कर्मियों सहित कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

एक दमकल अधिकारी ने कहा, “डिपो में वास्तव में कोई अग्नि सुरक्षा योजना नहीं थी।” उन्होंने कहा कि खतरनाक रसायनों से भरे कंटेनर को निर्यात किए जाने वाले कपड़ों के कंटेनर के साथ रखा गया था, जबकि रसायन से भरे कंटेनर को उनसे दूर रखना चाहिए था और अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी।

आग बुझाने के अभियान को कवर कर रहे एक पत्रकार ने फोन पर पीटीआई- से कहा कि डिपो 21 एकड़ में फैला हुआ है और यह युद्ध में तबाह हुए इलाके जैसा लग रहा है।

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