देश की खबरें | पीएफआई पर प्रतिबंध: संगठन के कुछ शीर्ष नेताओं एवं पदाधिकारियों की जानकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने मंगलवार देर रात एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के कड़े प्रावधानों के तहत ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगा दिया।
नयी दिल्ली, 28 सितंबर केंद्र ने मंगलवार देर रात एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के कड़े प्रावधानों के तहत ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगा दिया।
इसके शीर्ष नेताओं और पदाधिकारियों को इस महीने देशभर में छापे मारकर गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ के बारे में जानकारी इस प्रकार हैं:
1. 1. ओ. एम. ए. सलाम, पीएफआई अध्यक्ष
केरल राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी सलाम को ‘‘निलंबित’’ कर दिया गया है। पीएफआई के साथ संबंधों के कारण सलाम के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। सलाम के ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ) से भी संबंध हैं।
2. अनीस अहमद, राष्ट्रीय महासचिव
अहमद ने बेंगलुरू में पढ़ाई की। उसकी पीएफआई की साइबर गतिविधियों और मौजूदगी को बढ़ाने में अहम भूमिका रही है। वह एक वैश्विक दूरसंचार कंपनी में काम कर रहा था, जिसने उसे हाल में निलंबित कर दिया था। विभिन्न जांच एजेंसी ने उसे सोशल मीडिया, समाचार चैनलों पर वर्तमान मुद्दों को लेकर टिप्पणी करने/प्रतिक्रिया देने में ‘‘काफी सक्रिय’’ पाया। उसे केंद्र सरकार की नीतियों और शासन की मुखरता से आलोचना करते देखा गया।
3. पी. कोया , राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद सदस्य
प्रतिबंधित संगठन ‘स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (सिमी) के ‘‘सक्रिय सदस्य’’ कोया ने केरल के कोझिकोड विश्वविद्यालय में लेक्चरर के तौर पर काम किया। उससे पहले कोया ने 1986 से कतर में एक निजी कंपनी में तीन साल तक काम किया।
विभिन्न जांच एजेंसी का कहना है कि कोया ने ‘इस्लामिक यूथ सेंटर’ (आईवाईसी), कोझिकोड के निदेशक के रूप में काम किया, जो ‘‘वास्तव में इस्लामी कट्टरवाद और मुस्लिम उग्रवाद को बढ़ावा देने वाली विचारधारा का प्रचार करता है।’’
4. ई. एम. अब्दुर रहिमन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
रहिमन केरल के एर्णाकुलम जिले में स्थित कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त पुस्तकालयाध्यक्ष है। वह सिमी का अध्यक्ष रह चुका है। विभिन्न संघीय एजेंसी का कहना है कि वह ‘‘पीएफआई का बहुत प्रभावशाली नेता और निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाने वाला’’ है।
5. अफसार पाशा, राष्ट्रीय सचिव
पाशा एक व्यवसायी है और वह 2006 में पीएफआई के गठन के बाद से उसका ‘‘सक्रिय सदस्य’’ है।
6. अब्दुल वाहित सैत, राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद का सदस्य
सैत शिवाजीनगर बेंगलुरु के शिवाजीनगर में रहने वाले कच्छी मेमन समुदाय से संबंधित है। वह कट्टरपंथी इस्लामी संगठन (पीएफआई) का ‘‘संस्थापक सदस्य’’ है और सॉफ्टवेयर से जुड़ा एक उपक्रम चलाता है।
7. मोहम्मद शाकिब उर्फ शाकिफ, राष्ट्रीय सचिव (मीडिया एवं जनसंपर्क)
शाकिब पीएफआई का संस्थापक सदस्य है। वह एक रियल एस्टेट व्यवसाय का मालिक है।
8. मिनारुल शेख, अध्यक्ष, पीएफआई पश्चिम बंगाल
शेख ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री ली है। वह कोचिंग कक्षाएं संचालित करता है और शोध कार्य करता है।
9. मोहम्मद आसिफ, अध्यक्ष, पीएफआई राजस्थान
आसिफ स्नातक की पढ़ाई के दौरान ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफआई) से जुड़ गया था और वह इसका राष्ट्रीय महासचिव बना। उसे 2013-14 में पीएफआई की प्रदेश इकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
विभिन्न जांच एजेंसी का कहना है कि आसिफ ने राज्य भर में संगठन का प्रसार करने की कोशिश की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)