ऑस्ट्रेलिया ने वायरस को लेकर दी गई वैश्विक प्रतिक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग की

विदेश मंत्री मारिसे पायने ने कहा कि देश ऐसी समीक्षा पर जोर देगा जिसके तहत वुहान शहर में पिछले साल इस वायरस के उभरने के बाद चीन की शुरुआती प्रतिक्रिया की भी जांच की जाएगी।

उन्होंने सरकारी चैनल एबीसी से कहा, “हमें हर वह विवरण जानना है जो स्वतंत्र समीक्षा से हमें हासिल होगा जिसके तहत वायरस की उत्पत्ति, इससे निपटने के लिए अपनाए गए रुख और सूचनाएं साझा करने के खुलेपन को आंके जाने संबंधी जानकारी मिल सके।”

पायने ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की चिंताएं भी अमेरिका जैसी हैं जिसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ पर संकट के ‘‘कुप्रबंधन” का और दुनिया भर में प्रकोप फैलने से पहले चीन में इस प्रकोप की गंभीरता को छिपाने का आरोप लगाया है।

ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र निकाय को अमेरिका की ओर से दी जाने वाली निधि रोकने की भी घोषणा की है। पिछले साल देश ने 40 करोड़ डॉलर का अनुदान दिया था।

स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने भी स्वतंत्र समीक्षा की मांग का समर्थन किया है और कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने डब्ल्यूएचओ की सलाह के खिलाफ जाकर कुछ हद तक वायरस के प्रसार को सीमित करने में सफलता हासिल की है।

ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस के 6,600 मामले हैं और कोविड-19 से 70 लोगों की मौत हुई है। वह उन पहले देशों में शामिल है जिसने चीन से यात्रियों के यहां आने पर प्रतिबंध लगाया था।

एएफपी

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