मुंबई, सात नवंबर महाराष्ट्र में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक के पीएमसी बैंक घोटाले के संबंध में गिरफ्तार की गई बैंक की एक लेखा परीक्षक (ऑडिटर) ने शनिवार को मुंबई में एक सत्र अदालत में जमानत याचिका दायर की।
अनीता किरदात (48) को पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैंक की लेखा परीक्षक होते हुए भी बैंक अधिकारियों द्वारा की गईं अनियमितताओं का पता लगाने में कथित रूप से नाकाम रहने के लिये मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया था।
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किरदात ने अधिवक्ता श्रीगणेश सावलकर के जरिये दायर जमानत याचिका में दावा किया है कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और उन्होंने बेवजह इस मामले में फंसाया गया है।
याचिका में दावा किया गया है कि न तो उन्हें इस घोटाले में प्रत्यक्ष तौर पर कोई लाभ मिला है और न ही पुलिस के आरोप पत्र में उनके खिलाफ कोई आपराधिक सबूत पेश किये गए।
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पिछले साल सितंबर में भारतीय रिजर्व बैंक को पता चला था कि बैंक ने लगभग दिवालिया हो चुकी एचडीआईएल कंपनी को दिए गए 6,700 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज को छिपाने के लिये फर्जी खाते बनाए थे। इसके साथ ही धोखाधड़ी का यह मामला सामने आया था।
आर्थिक अपराध शाखा के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी मामले की जांच कर रहा है।
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