देश की खबरें | असम के स्कूलों को कागजी स्कूलों और शिक्षकों से मुक्त किया जाएगा : मंत्री रनोज पेगू
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गुवाहाटी, नौ जुलाई असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगु ने रविवार को कहा कि सरकार राज्य को ‘‘कागजी (गोस्ट) छात्रों ’’ के बाद ‘‘कागजी (गोस्ट) स्कूलों और शिक्षकों ’’ से मुक्त करने की योजना पर काम कर रही है।
रनोज पेगु ने कहा कि जो स्कूल अपने कर्मचारियों के बारे में पूरी जानकारी देने में विफल रहे हैं, उनका विशेष अनुदान रोक दिया गया है और ऐसे कर्मचारियों का वेतन अगले दो महीनों में रोक दिया जाएगा।
रनोज पेगु ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ हमने पहले ही कागजी छात्रों का पता लगा लिया था। अब, कागजी स्कूलों और शिक्षकों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। ’’
गोस्ट छात्र, स्कूल और शिक्षक वे होते हैं जो केवल कागजों में मौजूद होते हैं। यह फर्जी कार्य विभिन्न योजनाओं तहत सरकारी धन प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
पिछले वर्ष के नामांकन आंकड़ों का मिलान करने पर जून में राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में लगभग 4.50 लाख कागजी छात्रों के होने की जानकारी मिली थी।
पेगु ने कहा कि राज्य के 11,000 से अधिकारी सरकारी प्राथमिक स्कूल हैं जो शिक्षा विभाग द्वारा मांगे जाने के बावजूद अपने कर्मचारियों का पूर्ण आकंड़ा देने में विफल रहे हैं। इन कर्मचारियों में शिक्षण और गैर-शिक्षण दोनों श्रेणी के कर्मी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह जानकारी एक विशिष्ट पोर्टल 'शिक्षा सेतु' पर अपलोड की जानी थी। अपने रिकॉर्ड की जांच करने के बाद, हमने पाया कि 11,483 स्कूलों ने सभी कर्मचारियों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। जब तक वे सभी विवरण अपलोड नहीं कर देते, हम 2023-24 के लिए उनके वार्षिक स्कूल अनुदान और खेल तथा शारीरिक शिक्षा अनुदान पर रोक लगा देंगे। ’’
शिक्षा मंत्री ने सभी जानकारी उपलब्ध कराने वाले स्कूलों के लिए अनुदान स्वीकृत करने की भी घोषणा की।
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