देश की खबरें | आशा कार्यकर्ताओं ने की प्रियंका से मुलाकात, बताई समस्याएं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा के दौरान उनसे मिलने जा रही आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट तथा अन्य मुद्दों को लेकर बृहस्पतिवार को आशा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रियंका गांधी वाद्रा से लखनऊ में मुलाकात की।
लखनऊ/शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश), 11 नवंबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा के दौरान उनसे मिलने जा रही आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट तथा अन्य मुद्दों को लेकर बृहस्पतिवार को आशा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रियंका गांधी वाद्रा से लखनऊ में मुलाकात की।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी राज्य मुख्यालय पर प्रियंका से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि हाल ही में शाहजहांपुर के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करना चाह रही आशा कार्यकर्ताओं से पुलिस ने मारपीट की थी। आशा कार्यकर्ताओं ने इस मामले तथा अपनी सेवा शर्तों और मानदेय से संबंधित समस्याओं के बारे में प्रियंका को बताया।
पार्टी नेता के मुताबिक पुलिस द्वारा मारपीट से घायल आशा कार्यकर्ताओं ने प्रियंका को अपने जख्म भी दिखाए।
गौरतलब है कि नौ नवंबर को शाहजहांपुर के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी समस्याएं बताने आई आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने पूनम पांडे नामक आशा कार्यकर्ता को बुरी तरह पीटा जिससे उसे कई अंदरूनी चोटें आई हैं।
प्रियंका ने ट्विटर पर इसका विरोध जताते हुए कहा था, ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आशा बहनों पर किया गया एक-एक वार उनके द्वारा किए गए कार्यों का अपमान है। मेरी आशा बहनों ने कोरोना में व अन्य मौकों पर पूरी लगन से अपनी सेवाएं दीं। मानदेय उनका हक है। उनकी बात सुनना सरकार का कर्तव्य है। आशा बहनें सम्मान की हकदार हैं और मैं इस लड़ाई में उनके साथ हूं।’’
प्रियंका ने ट्वीट में यह भी कहा था, ‘‘कांग्रेस आशा बहनों के मानदेय के हक और उनके सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है और सरकार बनने पर आशा बहनों एवं आंगनबाड़ी कर्मियों को 10,000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय देगी।’’
इस बीच, कांग्रेस के शाहजहांपुर जिला अध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने बताया कि पीड़ित आशा बहू पूनम पांडे तथा अन्य आशा बहुओं ने प्रियंका गांधी से मुलाकात की। प्रियंका ने पुलिस द्वारा पिटाई से घायल आशा बहू के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उसे लखनऊ के एक अस्पताल में भेजा। वहीं, इस मामले को लेकर वकीलों का एक पैनल भी बनाया है जो घायल आशा बहू के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगा।
शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने बताया कि नौ नवंबर को शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था। इस दौरान आशा बहुएं जनसभा स्थल पर जाने का प्रयास कर रही थीं तब उन्हें रोका गया जिसमें पूनम पांडे नाम की आशा ने महिला दारोगा से हाथापाई की। इसका वीडियो वायरल हुआ है। इस मामले में आशा कार्यकर्ता पूनम पांडे के विरुद्ध थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
वहीं, आशा कार्यकर्ता पूनम पांडे ने फोन पर बताया कि उन्हें महिला दारोगा ज्योति त्यागी और उसकी साथी पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह मारा-पीटा जिससे उसे काफी चोटें आई हैं। एक दारोगा ने उसका हाथ मरोड़ दिया जिससे फ्रैक्चर हो गया है।
यह पूछने पर कि आपने महिला दारोगा को पहले मारा जिस पर पीड़िता ने कहा कि उसे किसी ने पीछे से लात मारी जिसके चलते वह दारोगा पर गिर गयी। इसी को दिखा कर दावा किया जा रहा है कि पहले हमला उसने किया।
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