देश की खबरें | असीम अरुण के वीआरएस लेते ही उनके सियासी भविष्य की संभावनाओं को मिली उड़ान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ऐन पहले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अपर पुलिस महानिदेशक स्तर (एडीजी) रैंक का पद छोड़कर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले असीम अरुण के उज्‍ज्‍वल सियासी भविष्य की संभावनाओं को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते ही उड़ान मिलने लगी थी।

लखनऊ, 25 मार्च उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ऐन पहले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अपर पुलिस महानिदेशक स्तर (एडीजी) रैंक का पद छोड़कर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले असीम अरुण के उज्‍ज्‍वल सियासी भविष्य की संभावनाओं को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते ही उड़ान मिलने लगी थी।

भाजपा ने विधानसभा चुनाव में उन्हें कन्नौज सदर क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और अरुण ने यहां से चुनाव जीतकर अपनी नई पारी की रफ्तार तेज कर दी। शुक्रवार को उन्हें योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी सरकार में स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

असीम अरुण का जन्‍म तीन अक्टूबर 1970 को हुआ। उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद अपने पिता श्रीराम अरुण (पूर्व पुलिस महानिदेशक) की राह पर चलते हुए वह 1994 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए और विभिन्न जिलों में एएसपी, एसपी, एसएसपी, डीआईजी आदि पदों पर रहे। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के पुलिस महानिरीक्षक रहते हुए उन्होंने एटीएस कमांडो की मदद से लखनऊ में आईएसआईएस के कुख्यात आतंकवादी को मार गिराया। वैसे अलीगढ़ में एसएसपी रहते हुए आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए जिला स्तरीय स्पेशल वेपंस एंड टैक्टिक्स टीम (स्वाट) का गठन कर वह न केवल सुर्खियों में आए बल्कि आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की भी निगाह में आ गये थे।

पिछले साल कानपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली शुरू होने के बाद सरकार ने उन्हें वहां का पहला पुलिस आयुक्त बनाया। कानपुर का पुलिस आयुक्‍त रहते हुए असीम अरुण ने वीआरएस लिया। अनुसूचित जाति परिवार से आने वाले मूलत: कन्नौज के निवासी अरुण की राजनीतिक पारी के लिए भाजपा ने कन्नौज को ही चुना।

स्कूली शिक्षा लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल से पूरी करने के बाद अरुण ने स्टीफंस कॉलेज से बीएससी किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा असीम अरुण को दलित नेता के रूप में आगे करेगी। असीम के पिता श्रीराम अरुण उप्र के दो बार पुलिस महानिदेशक रहे और उनके कार्यकाल में पुलिस सुधार के कई कार्य हुए।

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