गंगटोक, 21 अगस्त सिक्किम के पूर्व मंत्री अरुण उप्रेती ने रविवार को राज्य विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
उप्रेती के नामांकन पत्र दाखिल करने के वक्त मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के विधायकों के साथ मौजूद थे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ विधायक भी उप्रेती के नामांकन दाखिल करने के दौरान मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि एल.बी.दास द्वारा 16 अगस्त को इस्तीफा दिए जाने के बाद से सिक्किम विधानसभा अध्यक्ष का पद खाली है। इस पद के लिए 22 अगस्त को चुनाव होगा।
सिक्किम विधानसभा का चुनाव वर्ष 2019 में हुआ था और उप्रेती अरिथांग निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। वह राज्य सरकार में शहरी विकास मंत्री थे, लेकिन उन्होंने 16 अगस्त को मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद उप्रेती ने कहा, ‘‘पार्टी की आंतरिक व्यवस्था के चलते मैंने राज्य मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा देने का फैसला किया।’’
सत्तारूढ़ पार्टी के महासचिव पद की जिम्मेदारी भी संभाल रहे उप्रेती ने कहा, ‘‘मैं पार्टी के प्रति निष्ठावान हूं, जो भी पद पार्टी मुझे देगी, मैं उसे स्वीकार करूंगा।’’
मुख्यमंत्री और एसकेएम अध्यक्ष प्रेम सिंह तमांग ने संवादताओं से कहा कि ये बदलाव (उप्रेती का मंत्रिमंडल से इस्तीफा और दास का विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा) पार्टी की आंतरिक व्यवस्था के तहत किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बदलाव से भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। तमांग ने कहा कि पार्टी ने दास को कैबिनेट मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी देने का फैसला किया है, इसलिए यह फेरबदल किया गया है।
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