देश की खबरें | कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस उपकरण विकसित
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वैज्ञानिकों ने लेजर आधारित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से लैस एक नयी ‘ब्रीथलाइजर’ जांच विकसित की है, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह अत्यधिक सटीकता से वास्तविक समय पर कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगा सकता है।
नयी दिल्ली, 10 मई वैज्ञानिकों ने लेजर आधारित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से लैस एक नयी ‘ब्रीथलाइजर’ जांच विकसित की है, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह अत्यधिक सटीकता से वास्तविक समय पर कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगा सकता है।
यह उसी तरह का उपकरण है, जिसका इस्तेमाल पुलिस सांस में अल्कोहल की मात्रा का पता लगाने के लिए करती है।
अमेरिका स्थित कोलोरैडो बोल्डर यूनिवर्सिटी के एक दल ने कोविड की जांच के लिए नये विकसित किये गये ‘ब्रीथलाइजर’ से चिकित्सकीय जांच में क्रांति आने की उम्मीद जताई है।
इस उपकरण में, एक अणु को दूसरे अणु से अलग करने के लिए लेजर प्रकाश का इस्तेमाल किया जाता है।
विश्वविद्यालय के पीएचडी के छात्र एवं अध्ययन के प्रथम लेखक छिहोंग लियांग ने कहा, ‘‘हमारे अनुसंधान के नतीजे कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए एक वैकल्पिक और तीव्र उपाय तथा रोग का पता लगाने की इसकी उल्लेखनीय क्षमता को प्रदर्शित करते हैं।’’
मई 2021 से जनवरी 2022 के बीच अध्ययन दल ने विश्वविद्यालय के 170 छात्रों के नमूने एकत्र किये, जिनकी 48 घंटे पहले पीसीआर (पोलीमेरेज चेन रिएक्शन) जांच की गई थी।
इनमें से आधे नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई और नमूना एकत्र करने से लेकर इसके नतीजे आने तक की प्रक्रिया में एक घंटे से कम वक्त लगा।
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