देश की खबरें | पिथौरागढ में 200 ग्रामीण राहत शिविरों में पहुंचाए गए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पिथौरागढ़ जिले के वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में एक हेलीकॉप्टर की मदद से मंगलवार को भी बचाव कार्य जारी रहा और 200 से ज्यादा ग्रामीणों को अब तक बंगापानी के दो राहत शिविरों में पहुंचाया गया है ।
पिथौरागढ़, चार अगस्त पिथौरागढ़ जिले के वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में एक हेलीकॉप्टर की मदद से मंगलवार को भी बचाव कार्य जारी रहा और 200 से ज्यादा ग्रामीणों को अब तक बंगापानी के दो राहत शिविरों में पहुंचाया गया है ।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वीके जोगदंडे ने बताया, ‘‘वर्तमान में बराम में एक राहत शिविर में 171 से ज्यादा लोग तथा मवानी कॉलेज कैंपस के दूसरे राहत शिविर में 29 लोग हैं। राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गये हेलीकॉप्टर से भी पिछले तीन दिनों से बीमारों और घायलों को बराम और धारचूला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जा रहा है ।’’
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इलाके में राहत कार्यों के प्रभारी और धारचूला के उपजिलाधिकारी ने कहा कि बादल फटने की घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गयी थी । इसके अलावा पिछले एक पखवाडे में उफनाई नदियों, बरसाती नालों या भूस्खलन के कारण 40 परिवार बेघर हो गए हैं ।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक परिवार को राहत राशि देने के अलावा हम पीड़ितों को राहत शिविरों में हर सुविधा प्रदान कर रहे हैं, लेकिन हमें इस बात का पता नहीं है कि मानसून खत्म होने के बाद ये बेघर कहां जाएंगे ।’’
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उपजिलाधिकारी के अनुसार, जौलजीबी से मुनस्यारी तक 60 से अधिक गांवों को जोडने वाला पुल 28 जुलाई को टूट गया था और उसका निर्माण अभी किया जाना है और नोडल एजेंसी सीमा सडक संगठन (बीआरओ) ने अभी तक मौके पर आवश्यक मशीनें नहीं पहुंचाई है ।
उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना की मशीनों का उपयोग करके स्थानीय सड़कों की मरम्मत कर रहे हैं क्योंकि बीआरओ की मशीनें अभी भी चियालेख में पड़ी हुई हैं ।
अधिकारी के अनुसार, लुम्टी, चमी, मोरी, जारा जिबली, गुजरी, कौली, भौला, टांगा और गैला आदि गांव बादल फटने से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
अधिकारी ने कहा कि भ्योला, जारा जिबली और टांगा गांव के तीन लापता व्यक्तियों की तलाश अब भी जारी है ।
हाल ही में जिले के बंगापानी और मुनस्यारी सब डिवीजनों के कई गांवों में भारी बारिश के कारण कई मकान ढह गए थे और 18 व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी थी ।
भारी बारिश के कारण जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर लुमटी के पास एक महत्वपूर्ण पुल भी बह गया था जिसके परिणामस्वरूप जिला मुख्यालय से क्षेत्र के 60 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया ।
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