देश की खबरें | सेना की पश्चिमी कमान ने रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण पर जोर दिया

चंडीगढ़, 25 अप्रैल सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को देश में रक्षा उपकरणों के निर्माण और इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि क्षमताओं का लाभ लेने के लिए स्वदेशी उत्पादन जरूरी है।

सेना की पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नव के. खंडूरी ने कहा कि रक्षा निर्माण में एमएसएमई की भूमिका बढ़ाने के लिए सशस्त्र बलों, एमएसएमई और शिक्षाविदों को एक साथ आने की जरूरत है।

उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘क्षमताओं के दोहन के लिए स्थानीय और स्वदेशी उत्पादन जरूरी है।’’

वह भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), उत्तरी क्षेत्र और सेना के पश्चिमी कमान मुख्यालय द्वारा आयोजित ‘उत्तर भारत में रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी में एमएसएमई के लिए अवसर’ विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां आए थे।

बाद में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल खंडूरी ने कहा, ‘‘जहां तक ​​हमारा (पश्चिमी कमान का) संबंध है, हम शुरू से ही कहते रहे हैं कि हमें अपना खुद का स्वदेशी उत्पादन करने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘... हम एक ऐसे देश में रहते हैं जो आगे बढ़ रहा है। भारत एक महान शक्ति बनने की ओर अग्रसर है और मैं कहना चाहता हूं कि कोई भी देश उधार की तकनीक पर एक महान देश बनने की आकांक्षा नहीं रख सकता। इसलिए स्वदेशी तकनीक का अपना महत्व है।”

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