देश की खबरें | दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति विचाराधीन: केंद्र, केवीएस ने अदालत से कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि दिव्यांग छात्रों को पढ़ाने के लिए उनके स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्राधिकारियों के विचाराधीन है।
नयी दिल्ली, आठ मई केंद्र और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि दिव्यांग छात्रों को पढ़ाने के लिए उनके स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्राधिकारियों के विचाराधीन है।
केंद्र सरकार और केवीएस के वकील ने कहा कि चूंकि यह एक नीतिगत मामला है, इसलिए वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन के लिए छह महीने का समय दिया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को चार महीने का समय दिया।
पीठ ने मामले को 10 अक्टूबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा, ‘‘वर्तमान मामला दिव्यांग छात्रों की शिक्षा के लिए केंद्रीय विद्यालयों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित है। प्रतिवादियों की ओर से पेश वकील ने इस अदालत को सूचित किया है कि मामला अधिकारियों के विचाराधीन है।’’
पीठ ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा है कि चूंकि यह एक नीतिगत मामला है, वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन के लिए छह महीने का समय दिया जाना चाहिए .... अर्जी में दी गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए, प्रतिवादियों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए चार महीने का समय दिया जाता है।’’
उच्च न्यायालय ने इससे पहले केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति के अनुरोध वाली एनजीओ ‘सोशल ज्यूरिस्ट’ द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर केवीएस से जवाब मांगा था।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील अशोक अग्रवाल ने पहले कहा था कि 2009 में दिए गए आश्वासन के बावजूद, केवीएस ने किसी विशेष शिक्षक की भर्ती नहीं की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)