कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी ने इसकी पुष्टि की है। चौधरी ने बताया कि जलने की वजह से मोइना की केजीएमयू में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार इसके पहले रविवार को गुलफाम की एक और बेटी चांद तारा (पांच) की अस्पताल में मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि कानपुर देहात जिले के मूसा नगर इलाके में बृहस्पतिवार को कथित रूप से कब्रिस्तान की जमीन बचाने में प्रशासन की मदद न मिलने से क्षुब्ध एक युवक गुलफाम ने अपनी पत्नी एवं छह बच्चों समेत खुद को आग लगाने की कोशिश की।
अधिकारी ने बताया कि एक कब्रिस्तान की देखरेख करने वाला गुलफाम (35) नामक युवक कथित रूप से कब्रिस्तान के एक हिस्से में अवैध निर्माण नहीं रोके जाने के विरोध में अपनी पत्नी अजमेरुन (31), बेटियों महजबीं (13), मसीहा (आठ), मोईना (सात), चांद तारा (पांच), सितारा (दो) और बेटे मोहम्मद आतिफ (10) के साथ निर्माणस्थल पर पहुंचा और पत्नी, बच्चों तथा खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली।
चौधरी ने बताया कि गुलफाम एक कब्रिस्तान की देखरेख करता है। उसका दावा है कि कब्रिस्तान की जमीन के एक टुकड़े पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। उसका कहना है कि प्रशासन से कई बार शिकायत किये जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से क्षुब्ध होकर उसने परिवार सहित आत्मदाह का कदम उठाया है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि राजस्व टीम मौके का निरीक्षण करेगी और मामले की जांच के लिए राजस्व और पुलिस अधिकारियों की एक टीम पहले ही गठित की जा चुकी है।
घटना के बाद, अधिकारी ने बताया था कि चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की और पुलिस को इस बारे में सूचना दी। पुलिस ने फौरन पहुंचकर आग बुझायी। आग बुझाने की कोशिश में मुख्य आरक्षी राजेन्द्र पांडे का दोनों हाथ झुलस गया ।
एसपी के मुताबिक करीब 10-12 प्रतिशत तक झुलसे सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया और बाद में सभी को हैलट हॉस्पिटल ले जाया गया और वहां से उन्हें केजीएमयू, लखनऊ रेफर कर दिया गया।
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