जरुरी जानकारी | ब्रिटेन में अमीरों पर करारोपण में कटौती का फैसला वापस लेने की घोषणा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ब्रिटेन के वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वह 1.5 लाख पौंड से अधिक आय पर 45 फीसदी की दर से आयकर लगने के प्रावधान को नहीं हटाएंगे। इस कर कटौती को अगले साल अप्रैल से लागू किया जाना था। क्वार्टेंग ने कहा, "हमने इस बारे में उठ रही आवाजों को सुन लिया है।"
ब्रिटेन के वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वह 1.5 लाख पौंड से अधिक आय पर 45 फीसदी की दर से आयकर लगने के प्रावधान को नहीं हटाएंगे। इस कर कटौती को अगले साल अप्रैल से लागू किया जाना था। क्वार्टेंग ने कहा, "हमने इस बारे में उठ रही आवाजों को सुन लिया है।"
दरअसल उच्च आय वाले तबके को आयकर की ऊंची दर से राहत देने की 10 दिनों पहले की गई घोषणा का व्यापक स्तर पर विरोध हो रहा था। इससे सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के संसद सदस्य भी खुश नहीं थे और वे इसे वापस लेने का लगातार दबाव डाल रहे थे।
ब्रिटिश वित्त मंत्री ने 'बीबीसी' के साथ बातचीत में कहा, "ब्रिटेन को आर्थिक मजबूती की राह पर ले जाने के हमारे अभियान में यह कर कटौती एक बड़ा व्यवधान बन गया था। अब हमारा ध्यान उच्च वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है जिसमें विश्व-स्तरीय सार्वजनिक सेवाओं के लिए वित्त उपलब्ध हो, पारिश्रमिक बढ़े और नए रोजगार अवसर भी पैदा हों।"
पिछले महीने प्रधानमंत्री पद संभालने वालीं लिज ट्रस ने एक दिन पहले ही अपनी सरकार की तरफ से घोषित कर कटौती योजना का पुरजोर बचाव करते हुए कहा था कि उनकी सरकार इस योजना पर आगे बढ़ना जारी रखेगी। हालांकि उन्होंने यह माना था कि इस फैसले के पहले थोड़ी जमीन तैयार कर लेनी चाहिए थी।
ट्रस की सरकार ने गत 23 सितंबर को एक राहत पैकेज की घोषणा की थी जिसमें 45 अरब पौंड की कर कटौतियां भी शामिल थीं। इस घोषणा के बाद न सिर्फ ब्रिटिश बाजार में गिरावट देखी गई बल्कि डॉलर के मुकाबले पौंड की कीमत में भी खासी कमी आई है।
सरकार की तरफ से व्यापक स्तर पर उधारी लिए जाने की आशंका गहराने के बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड को पौंड को संभालने के लिए बॉन्ड पुनर्खरीद की घोषणा करनी पड़ी थी।
ट्रस ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के वादे के साथ पिछले महीने प्रधानमंत्री पद संभाला था। लेकिन उनकी सरकार के पहला महीना ही विवादों में घिर गया।
एपी प्रेम
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