अंडरवर्ल्ड डॉन से सामाजिक कार्यकर्ता बने एन मुथप्पा राय का निधन
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बेंगलुरु, 15 मई अंडरवर्ल्ड डॉन से सामाजिक कार्यकर्ता बने एन मुथप्पा राय की शुक्रवार को यहां एक निजी अस्पताल में कैंसर से मौत हो गई।

अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि 68 वर्षीय राय पिछले एक साल से मस्तिष्क कैंसर से पीड़ित थे और उन्हें मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी देर रात 1:43 बजे मौत हो गई।

राय के दो बेटे हैं।

अस्पताल ने कहा, “लंबी बीमारी और काफी वक्त तक अस्पताल में रहने के बाद, हमें खेद है कि मुथप्पा राय की मौत हो गई। उन्होंने देर रात 1:43 बजे अंतिम सांस ली।”

परिवार के सूत्रों ने बताया कि राय का अंतिम संस्कार आज बिदादी में किया गया।

दक्षिण कन्नड़ के पुत्तूर शहर में तुलु भाषी बन्त परिवार में जन्मे राय ने बहुत कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में प्रवेश कर लिया था।

कर्नाटक पुलिस ने राय के खिलाफ हत्या और साजिश समेत आठ मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।

राय को 2002 में संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया था।

उन्हें यहां लाए जाने पर, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबाआई), अनुसंधान एवं विश्लेषण विंग (रॉ), खुफिया ब्यूरो (आईबी) और कर्नाटक पुलिस समेत कई जांच एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी। बाद में सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया था।

करीब दो महीने पहले, अंडरवर्ल्ड के एक अन्य डॉन से पूछताछ कर रही पुलिस की एक टीम राय से पूछताछ करना चाहती थी। हालांकि उनकी खराब सेहत की वजह से पूछताछ नहीं हो सकी।

अपने जीवन को सुधारने के प्रयास में राय ने एक परमार्थ संगठन ‘जय कर्नाटक’ की स्थापना की थी।

राय ने 2011 में तुलु फिल्म ‘कांचिल्डा बाले’ और 2012 में कन्नड़ फिल्म ‘कटारी वीरा सुरसुंदरंगी’ में अभिनय किया था।

बॉलीवुड निर्देशक राम गोपाल वर्मा राय के जीवन पर आधारित एक फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन किसी वजह से फिल्म अटक गई।

कैंसर का पता चलने के बाद राय ने सार्वजनिक जीवन से खुद को अलग कर लिया और जय कर्नाटक से इस्तीफा दे दिया।

कर्नाटक एथलेटिक्स एसोसिएशन ने उनके निधन पर शोक जताया है। राय दो साल तक इस संगठन के अध्यक्ष रहे हैं।

संगठन ने राय को खेल प्रेमी एवं खेल को बढावा देने वाला बताया और अपने शोक संदेश में कहा कि पिछले दो वर्ष में पूरे कर्नाटक में खेलकूद को बढ़ावा देने में राय का योगदान ‘प्रेरणादायी’ है।

संगठन ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य जमीनी स्तर पर खेलों से जुड़ी गतिविधियों को विकसित करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक तैयार करने था।

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