विदेश की खबरें | पश्चिम एशिया में तनाव के बीच पहले से तय तैनाती के लिए अमेरिकी विमानवाहक पोत वर्जीनिया से रवाना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका पहले से ही ‘यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड’ को तैनात करने की योजना बना रहा था।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अमेरिका पहले से ही ‘यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड’ को तैनात करने की योजना बना रहा था।

इराक में परमाणु कार्यक्रमों को नष्ट करने के इजराइल के लक्ष्य का समर्थन करने के लिए अमेरिका ने रविवार को ईरान के तीन परमाणु केंद्रों पर अमेरिकी युद्धक विमानों से बमबारी की थी जिसके जवाब में ईरान ने भी सोमवार को कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले किए।

हालांकि बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि इजराइल और ईरान 24 घंटे में चरणबद्ध तरीके से ‘‘पूर्ण संघर्ष विराम’’ के लिए सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा कि इस संघर्ष विराम से युद्ध का आधिकारिक रूप से अंत हो जाएगा।

‘फोर्ड’ इजराइल के भूमध्य सागर तट सहित समुद्री जल क्षेत्र में तैनात ‘यूरोपियन थिएटर कमान’ के लिए कार्य करेगा। इस विमानवाहक पोत और अन्य युद्धक पोतों की मौजूदगी ट्रंप को पश्चिम एशिया में अन्य विमानवाहक पोत का विकल्प प्रदान करेगी।

ईरान के हमलों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अमेरिका, इजराइल में और उसके आस पास सैन्य विमानों और युद्धपोतों को भेज रहा है।

नॉरफॉक में देश के सबसे बड़े नौसेना अड्डे से मंगलवार सुबह करीब 4,500 नौसैनिक रवाना होंगे। विमानवाहक पोत में गाइडेड मिसाइल विध्वंसक और कई लड़ाकू विमान शामिल हैं।

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