दवा निर्माता ‘गिलियड साइंसेज’ ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
कंपनी ने कहा कि ‘खाद्य एवं दवा प्रशासन’ (एफडीए) ने आपातकालीन परिस्थिति में रेमडेसिविर के प्रयोग का दायरा बढ़ा दिया है जिससे डॉक्टर मरीजों को इसे लेने की सलाह दे सकेंगे।
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अब तक यह दवा कोविड-19 के गंभीर मरीजों को ही दी जाती थी।
कैलिफोर्निया में फोस्टर सिटी स्थित गिलियड ने रेमडेसिविर को ‘वेक्लुरि’ नाम से बेचने की औपचारिक मंजूरी के लिए 10 अगस्त को एफडीए में आवेदन किया था।
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गिलियड ने एक वक्तव्य में कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों पर हाल ही में हुए एक सरकारी अध्ययन और गिलियड द्वारा एक सप्ताह पहले प्रकाशित अध्ययन के आधार पर आपातकालीन परिस्थिति में इस दवा के प्रयोग के दायरे को बढ़ाने की मंजूरी मिली।
गिलियड के अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 से ग्रस्त जिन मरीजों को पांच दिन तक रेमडेसिविर दवा दी गई उनमें ठीक होने की संभावना 65 प्रतिशत अधिक थी।
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