इन प्रस्तावों के तहत ईरान के सर्वोच्च नेता, राष्ट्रपति और अन्य व्यक्तियों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है। दरअसल, ईरान में हिजाब के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के एक साल पूरे होने वाले हैं और अमेरिका इससे पहले देश पर और कड़े प्रतिबंध लगाना चाहता है।
प्रतिबंध संबंधी प्रस्ताव अब सीनेट में जाएंगे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि डेमोक्रेटिक-नियंत्रित सदन उन्हें स्वीकार करेगा या नहीं।
पहले प्रस्ताव में ईरान में मिसाइल और ड्रोन के निर्माण की प्रक्रिया में शामिल व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है, ताकि देश में इन प्रौद्योगिकियों का उत्पादन एवं निर्यात बाधित किया जा सके। वहीं, दूसरे विधेयक में ‘‘मानवाधिकारों के हनन और आतंकवाद के समर्थन’’ को लेकर ईरान के उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों पर पाबंदी लगाने का प्रावधान किया गया है। तीसरा प्रस्ताव सरकार द्वारा विशेष रूप से बहाई अल्पसंख्यकों के कथित उत्पीड़न की निंदा करता है।
ईरान सितंबर 2022 में पुलिस हिरासत में महसा अमीनी की मौत के बाद देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अपने नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है।
अमीनी को कथित तौर पर ठीक तरह से हिजाब नहीं पहनने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। 22 वर्षीय युवती की तीन दिन बाद पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने कहा कि अमीनी को दिल का दौरा पड़ा था। हालांकि, युवती के परिवार ने इससे इनकार किया गया था, जिसके बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था। प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 500 से अधिक लोग मारे गए हैं और 22,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY