देश की खबरें | भाजपा के अलावा सभी दल केन्द्र से कृषि अध्यादेश वापस लेने को कहेंगे : पंजाब सरकार
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चंडीगढ़, 24 जून पंजाब सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि भाजपा के अलावा राज्य की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों में बुधवार को सहमति बनी है कि वे जनहित में केन्द्र से कृषि क्षेत्र से जुड़ा अध्यादेश वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली के साथ छेड़छाड़ नहीं करने का अनुरोध करेंगे।
यह बैठक पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुलायी थी, ताकि हाल ही में पारित तीन अध्यादेशों... कृषि उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) अध्यादेश, किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य बीमा समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अध्यादेश को लेकर सहमति बनायी जा सके।
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विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि जहां भाजपा ने प्रस्ताव का पूरी तरह से विरोध किया, वहीं उसके सहयोगी दल शिअद ने भी शुरुआत में कुछ आपत्तियां दर्ज करायीं, लेकिन बाद में वह आंशिक रूप से उसपर तैयार हो गया।
उसमें कहा गया है कि शिअद ‘‘न्यूनतम समर्थन मूल्य पर निश्चित खरीदी’ और राज्य एपीएमसी के साथ कोई छेड़छाड़ ना की जाए इस पर अन्य दलों के साथ है।
शिअद ने यह भी कहा कि इन मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री से मिलने जा रहे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के मामले में भी वह अन्य दलों के साथ है।
वहीं, शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पार्टी अध्यादेशों की आलोचना करने से पहले उनपर कानूनी सलाह लेगी।
साथ ही, शिअद के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने राज्य सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति को गलत और पूरी तरह से भ्रामक बताया।
चीमा ने कहा कि भाजपा और शिअद साथ-साथ हैं और उनके विचार भी समान हैं।
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का कहना है कि केन्द्र को कृषि मामले में हस्तक्षेप करने को कोई अधिकार नहीं है।
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