देश की खबरें | झांसी मेडिकल कॉलेज में सभी अग्निशमन उपकरण सही स्थिति में : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को कहा कि झांसी मेडिकल कॉलेज में सभी अग्निशामक उपकरण सही स्थिति में हैं और इनके खराब होने संबंधी खबरें निराधार हैं।

लखनऊ/झांसी (उप्र), 16 नवंबर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को कहा कि झांसी मेडिकल कॉलेज में सभी अग्निशामक उपकरण सही स्थिति में हैं और इनके खराब होने संबंधी खबरें निराधार हैं।

उनकी टिप्पणी तब आई जब मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 बच्चों की मौत के बाद मीडिया में आईं कुछ खबरों में कहा गया कि स्वास्थ्य प्रतिष्ठान में अग्निशामक उपकरण खराब थे और उनकी समयसीमा खत्म हो गई थी।

इस बीच, झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर ने भी अग्निशामक यंत्रों के खराब होने के आरोपों को ‘‘निराधार’’ बताया।

पाठक ने एक बयान में कहा, ‘‘योगी आदित्यनाथ सरकार बच्चों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है। हमारे कर्मचारियों, डॉक्टरों और बचाव दल ने बच्चों को बचाने के लिए बहादुरी से काम किया। बच्चों की प्राथमिकता के आधार पर देखभाल की जा रही है। मेडिकल कॉलेज में सभी अग्निशमन उपकरण पूरी तरह से ठीक थे। फरवरी में यहां अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया गया था और जून में एक ‘मॉक ड्रिल’ भी आयोजित की गई थी।’’

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

पाठक ने कहा कि घटना की जांच कई स्तरों पर होगी जिसमें पहली जांच शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग, दूसरी जांच जिला पुलिस और अग्निशमन विभाग करेगा तथा इसके अलावा तीसरी जांच मजिस्ट्रेट जांच होगी।

वहीं, सेंगर ने कहा, ‘‘मेडिकल कॉलेज में कुल 146 अग्निशामक यंत्र लगे हैं। हादसे के समय एनआईसीयू वार्ड के अग्निशमन यंत्र का भी इस्तेमाल किया गया था। इन सभी उपकरणों का समय-समय पर ऑडिट भी किया जाता है। इस दौरान कमियों को दूर किया जाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘फरवरी में इन सभी का ऑडिट किया गया था, जबकि जून में ‘मॉक ड्रिल’ की गई थी। मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन यंत्र खराब होने की खबरें निराधार हैं। आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी जिसकी जांच की जा रही है।’’

राज्य सरकार ने शनिवार को मृत बच्चों के माता-पिता को पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।

झांसी के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि मेडिकल कॉलेज की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में शुक्रवार रात करीब पौने 11 बजे आग लग गई, जो संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।

उपमुख्यमंत्री पाठक ने शनिवार को ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘घटना में 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। झांसी मेडिकल कॉलेज के अन्य वार्ड में 16 बच्चों का इलाज जारी है।’’

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