विदेश की खबरें | अलेक्सांद्र लुकाशेंको लगातार छठी बार बेलारूस के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. लुकाशेंको को इस बार 26 वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा लेकिन चुनाव में उन्हें 80 प्रतिशत से अधिक वोट प्राप्त हुए।
लुकाशेंको को इस बार 26 वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा लेकिन चुनाव में उन्हें 80 प्रतिशत से अधिक वोट प्राप्त हुए।
रविवार की रात को हजारों लोग उन शुरुआती नतीजों का विरोध करते हुए बेलारूस के शहरों और कस्बों में सड़कों पर उतर आये जिससे लुकाशेंको की जबरदस्त जीत का संकेत मिला था।
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विपक्षी समर्थकों ने कहा कि उनका मानना है कि चुनाव के परिणामों में धांधली की गई है। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार की शाम को विरोध प्रदर्शन के लिए मिंस्क में एकत्र होने की योजना बनाई है।
विपक्षी उम्मीदवार 37 वर्षीय श्वेतलाना त्सिकानुसकाया ने सोमवार को कहा, ‘‘हम इन परिणामों को नहीं मानते।’’
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पूर्व शिक्षक एवं राजनीतिक नौसिखिया को 9.9 फीसदी वोट और 65 वर्षीय लुकाशेंको को 80.23 फीसदी वोट मिले। त्सिकानुसकाया ने कहा कि उनकी टीम अपनी गिनती कर रही है।
लुकाशेंको ने चुनाव को ‘‘एक उत्सव का मौका’’ बताया और विपक्ष पर इसे बर्बाद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
रविवार के चुनाव के परिणाम को लेकर आक्रोश उत्पन्न करने वाले प्रदर्शनकारियों ने दंगा पुलिस का सामना किया। पुलिस उन्हें तितर-बितर करने के लिए तेजी से आगे बढ़ी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। मानवाधिकार समूहों ने कहा कि एक व्यक्ति की मौत हो गई। हालांकि अधिकारियों ने इससे इनकार किया। साथ ही सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
विस्ना मानवाधिकार समूह के अनुसार, 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान किसी की मौत नहीं हुई। उसने प्रदर्शनों के दौरान मौत होने की खबर को ‘‘पूर्ण रूप से फर्जी’’ बताया।
अधिकारियों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान 89 लोग घायल हुए, जिनमें 39 कानून प्रवर्तन अधिकारी शामिल हैं। साथ ही करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया।
बेलारूस की जांच समिति ने बड़े पैमाने पर दंगों और पुलिस अधिकारियों के प्रति हिंसा की सोमवार को आपराधिक जांच शुरू की।
यूरोपीय अधिकारियों ने रविवार को बेलारूस के अधिकारियों से लोकतंत्र के मानकों का पालन करने और लोगों के नागरिक अधिकारों का सम्मान करने का आग्रह किया।
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