देश की खबरें | अकासा एयर, इस्तीफे के बाद नोटिस अवधि नहीं बिताने वाले पायलट के खिलाफ अदालत पहुंची
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नयी दिल्ली, 20 सितंबर विमानन क्षेत्र में हाल में उतरी अकासा एयर ने इस्तीफे के बाद पायलटों के अनिवार्य नोटिस अवधि पूरा किए बिना काम छोड़कर जाने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और डीजीसीए को इस संबंध में निर्देश देने का अनुरोध किया है।
विमानन कंपनी ने सात अगस्त 2022 को मुंबई से अहमदाबाद के बीच पहली वाणिज्यिक उड़ान शुरू की लेकिन कई पायलट के इस्तीफे से वह मुश्किल का सामना कर रही है। कंपनी ने अदालत को बताया कि कई पायलट के इस्तीफा देने से सितंबर में उसे बड़ी संख्या में उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।
कंपनी ने न्यायमूर्ति प्रीतम सिंह अरोड़ा की अदालत को बताया कि इन इस्तीफों की वजह से वह ‘संकट का सामना’ कर रही है और इस महीने रोजाना कई उड़ान रद्द करनी पड़ रही हैं।
अदालत ने पक्षकारों को लिखित में जवाब देने का निर्देश देते हुए 22 सितंबर को मामला सूचीबद्ध कर दिया।
अदालत ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) का पक्ष रख रही अधिवक्ता अंजना गोसाईं से जानना चाहा कि पायलट के इस्तीफे से उड़ानों को रद्द किए जाने को लेकर वह क्या कार्रवाई कर रहा है।
विमानन कंपनी ने उड़ानों के रद्द होने के कारण राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए इस्तीफा देने वाले पायलट ने भारी मुआवजा दिलाना का अनुरोध किया है।
एनएनवी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ‘अकासा एयर’ नाम से उड़ानों का परिचालन करती है। उसने अदालत से अनुरोध किया कि वह डीजीसीए को ‘‘ नागरिक विमानन क्षेत्र में अनिर्वाय नोटिस अवधि पूरा नहीं करने वाले पायलट के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दे।’’
अकासा एयर के प्रवक्ता ने इससे पहले एक बयान जारी कर कहा, ‘‘ हम कुछ पायलट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहते हैं जो संविदा में तय अनिवार्य नोटिस अवधि को पूरा किए अपनी ड्यूटी छोड़कर चले गए।’’
नियमों के मुताबिक प्रथम श्रेणी अधिकारी के लिए इस्तीफे के बाद छह महीने तक कंपनी को सेवा देना अनिवार्य है जबकि कैप्टन के लिए यह अवधि एक साल है।
विमानन कंपनी ने कहा कि कुछ पायलट की ओर से उठाया गया कदम केवल संविदा नियमों का ही नहीं बल्कि नागरिक विमानन नियमन का भी उल्लंघन है।
कंपनी ने कहा, ‘‘यह कानूनी रूप से न केवल अवैध है बल्कि अनैतिक और स्वार्थी कृत्य है जिसकी वजह से अगस्त में आखिरी समय में उड़ानों को रद्द करना पड़ा एवं इससे हजारों यात्री फंस गए और उन्हें समस्या का सामना करना पड़ा।’’
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