देश की खबरें | अकाली दल संकट: अकाल तख्त ने 28 जनवरी को ‘सिंह साहिबान’ की बैठक बुलाई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संकटग्रस्त शिरोमणि अकाली दल को पुनर्गठित करने से संबंधित अकाल तख्त के दो दिसंबर के आदेश का कथित रूप से पालन नहीं करने पर नाराजगी के बीच बृहस्पतिवार को जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने 28 जनवरी को पांच सिख साहिबान की बैठक बुलायी है।

चंडीगढ़, 23 जनवरी संकटग्रस्त शिरोमणि अकाली दल को पुनर्गठित करने से संबंधित अकाल तख्त के दो दिसंबर के आदेश का कथित रूप से पालन नहीं करने पर नाराजगी के बीच बृहस्पतिवार को जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने 28 जनवरी को पांच सिख साहिबान की बैठक बुलायी है।

अमृतसर में अकाल तख्त सचिवालय के अधिकारियों ने हालांकि पांच ‘सिंह साहिबानों’ की बैठक के एजेंडे का खुलासा नहीं किया लेकिन उन्होंने बताया कि इसमें सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ अकाल तख्त द्वारा कुछ महत्वपूर्ण ‘पंथिक’ मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने 20 जनवरी से शुरू होने वाले अपने नए सदस्यता अभियान के लिए बागी नेता गुरप्रताप सिंह वडाला को पर्यवेक्षक नियुक्त करने का फैसला करने की घोषणा की।

अकाल तख्त ने दो दिसंबर को पंजाब में 2007 से 2017 तक शिअद सरकार द्वारा की गई ‘गलतियों’ के लिए सुखबीर सिंह बादल एवं अन्य नेताओं को धार्मिक सजा सुनाते हुए सदस्यता अभियान शुरू करने एवं छह महीने के भीतर पार्टी अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के पद के लिए चुनाव कराने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन भी किया था।

सात सदस्यीय समिति में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व प्रमुख कृपाल सिंह बधुंगर, शिअद नेता इकबाल सिंह झुंडा, बागी नेता गुरप्रताप सिंह वडाला, विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, संता सिंह उम्मेदपुर और सतवंत कौर शामिल हैं।

शिअद के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी के सदस्यता अभियान की निगरानी के लिए नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।

नई सूची में वडाला समेत अन्य को फरीदकोट का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

सात सदस्यीय समिति में से दाखा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और अन्य नेता संता सिंह उम्मेदपुर ने शिअद कार्यसमिति द्वारा दी गई जिम्मेदारी लेने से पहले ही इनकार कर दिया है।

उन्होंने कहा है कि वे अकाल तख्त के निर्देशानुसार काम करेंगे।

शिअद ने अयाली और उम्मेदपुर को क्रमशः राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में सदस्यता अभियान की देखरेख की जिम्मेदारी दी थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now