देश की खबरें | एआईटीए बिना मान्यता के भारत में यूटीआर टूर्नामेंट नहीं होने देगा
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नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारत में निजी अकादमियों द्वारा यूटीआर (यूनिवर्सल टेनिस रेटिंग) टूर्नामेंट आयोजित करने के बढ़ते चलन के बीच अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने खिलाड़ियों और कोचों को गैर मान्यता प्राप्त टूर्नामेंटों से दूर रहने को कहा है।
भारत में इस खेल का संचालन करने वाली संस्था ने साफ किया कि वह गैर मान्यता प्राप्त टेनिस टूर्नामेंटों का देश में आयोजन नहीं होने देगा।
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यूटीआर एक स्वतंत्र रेटिंग प्रणाली है जहां खिलाड़ियों के पिछले 12 महीनों के 30 पात्र मैचों के स्कोर को 1-16 के पैमाने पर रेटिंग दी जाती है। इसमें मजबूत खिलाड़ी के खिलाफ करीबी मुकाबले में हारने पर भी रेटिंग में सुधार संभव है।
यूटीआर प्रणाली में मैच राउंड रॉबिन आधार पर होते है मतलब खिलाड़ी को टूर्नामेंट में तीन-चार मैच खेलने को मिल जाते हैं जबकि नियमित टेनिस टूर्नामेंट में आधे खिलाड़ियों को सिर्फ एक मैच खेलने को मिलता हैं। वे पहली हार के साथ ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाते है।
भारत में अक्टूबर-नवम्बर में 18 यूटीआर टूर्नामेंट प्रस्तावित है।
एआईटीए ने हालांकि तीन अक्टूबर को सभी राज्य संघों से कहा है कि वे उनसे संबद्ध इकाइयों को सूचित कर दे कि यूटीआर या इस तरह के किसी अन्य गैर मान्यता प्राप्त टूर्नामेंटों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों, कोचों, अधिकारियों के पंजीकरण को रद्द किये जा सकते हैं।
यूटीआर के आयोजक हालांकि एआईटीए को सुनने को तैयार नहीं है।
एआईटीए के रूख से नाराज हरियाणा में चामुंडा टेनिस अकादमी चलाने वाले जितेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा, ‘‘ एआईटीए यह बताये की उसकी मान्याता से हमें क्या फायदा हो रहा है? क्या एआईटीए ने कभी हमारी मदद की है? उनका मकसद सिर्फ रॉयल्टी के रूप में हम से पैसे लेने की है। हमने पिछले तीन वर्षों में उन्हें रॉयल्टी के तौर पर एक करोड़ रूपये से ज्यादा दिये हैं।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘पिछले आठ महीने से सब संकट में है एआईटीए ने क्या कोच, खिलाड़ी या किसी अन्य की मदद की।’’
एआईटीए के नव-निर्वाचित महासचिव अनिल धूपर ने हालांकि, कहा कि वे यूटीआर को एक समानांतर टूर्नामेंट संरचना नहीं बनाने देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘ एक साथ दो शासी निकाय नहीं हो सकते। हम टेनिस या यूटीआर के खिलाफ नहीं हैं। हम मूल निकाय हैं और यदि हमारे मंच का उपयोग करना है, तो किसी को भी हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हम यूटीआर के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे हमारे माध्यम से आयोजित किया जाना चाहिये।’’
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