देश की खबरें | दिल्ली के कई भागों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में सोमवार को वायु प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में प्रवेश कर गया, जबकि शहर में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार तीसरे दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। मौसम निगरानी एजेंसियों ने यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में सोमवार को वायु प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में प्रवेश कर गया, जबकि शहर में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार तीसरे दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। मौसम निगरानी एजेंसियों ने यह जानकारी दी।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शहर का 24 घंटे का औसत एक्यूआई शाम चार बजे 347 दर्ज किया गया, जो रविवार को 325, शनिवार को 304 और शुक्रवार को 261 से खराब स्थिति में रहा। एक्यूआई बृहस्पतिवार को 256, बुधवार को 243 और मंगलवार को 220 था।

शहर के रोहिणी में एक्यूआई 406, वजीरपुर में 416 और मुंडका में 414 दर्ज किया गया जो ‘गंभीर’ श्रेणी के तहत आता है।

वहीं, पड़ोसी शहर गाजियाबाद में एक्यूआई 272, फरीदाबाद में 300, गुरुग्राम में 203, नोएडा में 303 और ग्रेटर नोएडा में 336 था।

एक्यूआई शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है।

हवा की गति धीमी होने और तापमान में गिरावट के कारण शनिवार को शहर की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।

दिल्ली के लिए केंद्र की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, हवा की गुणवत्ता कुछ और दिनों तक ‘बहुत खराब’ रहने की संभावना है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केन्द्र से रविवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के इलाकों में खराब गुणवत्ता वाले डीजल से संचालित हो रही बसों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।

केंद्र के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, एक नवंबर से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के शहरों और कस्बों के बीच केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस6-श्रेणी अनुरूप डीजल बसों को ही संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।

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