देश की खबरें | वायुसेना ने ऑक्सीजन के खाली कंटेनर विमान के जरिये विभिन्न् फिलिंग स्टेशन तक पहुंचाए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने शुक्रवार को चिकित्सीय ऑक्सीजन के खाली कंटेनरों को विमान के जरिये देश के विभिन्न फिलिंग स्टेशनों पर पहुंचाने का काम शुरू किया।

नयी दिल्ली/हैदराबाद, 23 अप्रैल भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने शुक्रवार को चिकित्सीय ऑक्सीजन के खाली कंटेनरों को विमान के जरिये देश के विभिन्न फिलिंग स्टेशनों पर पहुंचाने का काम शुरू किया।

कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वायुसेना अपने विमानों के जरिये स्वास्थ्य कर्मियों और दवाओं को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने में नागरिक प्रशासन की मदद कर रही है।

वहीं तेलंगाना ने ओडिशा से चिकित्सीय ऑक्सीजन मंगाने के लिए वायुसेना के दो मालवाहक विमानों की सेवा ली है।

अधिकारियों ने बताया कि वायुसेना ने सी-17 और आईएल-76 भारी मालवाहक विमानों को ऑक्सीजन के खाली कंटेनरों को फिलिंग स्टेशन तक पहुंचाने के काम पर लगाया है।

उन्होंने बताया कि कंटेनर भरने के बाद उन्हें रेल या सड़क मार्ग से विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचाया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि ऑक्सीजन से भरे कंटेनर की ढुलाई सैन्य विमानों से नहीं की जाती क्योंकि इस गैस को ज्वलनशील माना जाता है और इससे विमान को खतरा हो सकता है।

वायुसेना ने ट्वीट किया, ‘‘सी-17 और आईएल-76 विमानों ने क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों को हिंडन वायुसेना ठिकानों (गाजियाबाद, उप्र) से भरने के लिए पानागढ़ पहुंचाया। कोविड-19 की लड़ाई में सहयोग के तहत इसी तरह का कार्य देश के अन्य हिस्सों में भी किया जा रहा है।’’

अधिकारियों ने बताया कि वायुसेना ने अपने विमानों को देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 का इलाज करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और दवाओं को पहुंचाने में लगाया है।

तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ई राजेंद्र ने शुक्रवार को बताया कि राज्य सरकार ने ओडिशा तक ऑक्सीजन के आठ खाली टैंकर पहुंचाने के लिए वायुसेना के दो मालवाहक विमानों की सेवा ली है।

उन्होंने बताया कि चिकित्सीय ऑक्सीजन ओडिशा के राउकेला और अंगुल इस्पात कारखाने से लायी जाएगी।

मंत्री ने बताया कि दो सी-17 विमान बेगमपेट हवाई अड्डे (हैदराबाद) से खाली टैंकर लेकर रवाना हुए हैं और सड़क मार्ग से, भरे हुए टैंकरों को लाया जाएगा इससे तीन दिन के समय की बचत होगी।

राजेंद्र ने दावा किया कि राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है, लेकिन माना कि एक-दो निजी अस्पतालों में इसकी कमी हो सकती है।

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