जरुरी जानकारी | वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत का लक्ष्य वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) कारोबार में अपनी हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री मन्सुख मंडाविया ने मंगलवार को समुद्री नौवहन क्षेत्र पर शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात ही।

नयी दिल्ली, दो मार्च भारत का लक्ष्य वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) कारोबार में अपनी हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री मन्सुख मंडाविया ने मंगलवार को समुद्री नौवहन क्षेत्र पर शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात ही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मैरिटाइम इंडिया समिट-2021’ का उद्घाटन किया।

मंडाविया ने अपने स्वागत भाषण में कहा, ‘‘भारत की महत्वाकांक्षा जहाज पुनर्चक्रण अधिनियम पारित होने के बाद वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण कारोबार में कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा हासिल करने की है।’’ अभी इसके वैश्विक कारोबार में भारत की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत है।

मंडाविया ने कहा कि देश के समुद्री नौवहन क्षेत्र को इस तरह से आगे बढ़ाया जा रहा है जिससे यह परिवहन, व्यापार और बुनियादी ढांचे का महत्वपूर्ण स्तंभ बन सके।

फिलहाल भारत सालाना आधार पर 70 लाख टनेज जहाज का पुनर्चक्रण करता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार समुद्री क्षेत्र में निवेश और लगाने का पूरी तरह तैयार है।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ’मैरिटाइम इंडिया विजन-2030’ पर ई-पुस्तक जारी की। इसके तहत अगले 10 साल में भारत के समुद्री नौवहन क्षेत्र को शीर्ष वैश्विक बेंचमार्क के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है।

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