देश की खबरें | कृषि विधेयक: किसानों ने हरियाणा में सड़क जाम किया,पंजाब में प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संसद में कृषि विधेयकों के पारित होने के विरोध में किसानों ने रविवार को हरियाणा में सड़क जाम कर दिया और राज्य में भाजपा नीत गठबंधन सरकार में शामिल जननायक जनता पार्टी (जजपा) के दो विधायकों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं, पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, 20 सितंबर संसद में कृषि विधेयकों के पारित होने के विरोध में किसानों ने रविवार को हरियाणा में सड़क जाम कर दिया और राज्य में भाजपा नीत गठबंधन सरकार में शामिल जननायक जनता पार्टी (जजपा) के दो विधायकों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वहीं, पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया।

कृषि विधेयकों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) की हरियाणा इकाई के आह्वान के बाद राज्य में कई स्थानों पर किसानों ने दोपहर 12 से तीन बजे के बीच सड़क और राजमार्ग को अवरूद्ध कर दिया।

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रविवार को ऐसे दो विधेयक राज्यसभा में पारित किये गये।

खबरों में कहा गया है कि दोपहर तीन बजे के बाद नाकेबंदी हटा ली गई, जिसके बाद दिन का प्रदर्शन समाप्त हो गया। प्रदर्शन के लिये बीकेयू का कई अन्य किसान संगठनों ने भी समर्थन किया।

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अंबाला में हरियाणा पुलिस ने ट्रैक्टर रैली के दौरान पंजाब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिये उन पर पानी की बौछार की।

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता चंडीगढ़-दिल्ली राजमार्ग के जरिये राष्ट्रीय राजधानी कूच कर रहे थे, लेकिन उन्हें हरियाणा पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर काफी संख्या में अवरोधक लगा रखे थे।

पुलिस ने बताया कि पंजाब में प्रदर्शनकारियों ने उस वक्त अपने ही एक ट्रैक्टर में आग लगा दी, जब उन्हें हरियाणा सीमा पर अपनी रैली समाप्त करने कहा जा रहा था।

पंजाब में किसानों ने कई स्थानों पर मोदी का पुतला फूंका और विधेयक की प्रतियां जलाते हुए दावा किया कि नये कानून उनकी आजीविका समाप्त कर देंगे।

हरियाणा में कई स्थानों पर किसानों के साथ आढ़ती या मंडी के कमीशन एजेंट भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

राज्य में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। यहां तक कि कई प्रदर्शन स्थलों पर कार्यपालक दंडाधिकारी तैनात किये गये थे।

हरियाणा में नाारायणगढ़ के पास अंबाला-नाहन राष्ट्रीय राजमार्ग, जुलाना के पास जींद-पटियाला और जींद-दिल्ली रोड तथा सोनीपत-गोहाना राजमार्ग सहित अन्य सड़कें अवरूद्ध कर दी गईं।

जजपा के दो विधायक, जोगी राम सिहाग (बरवाला) और राम करण काला (शाहबाद) ने हरियाणा में प्रदर्शनों में हिस्सा लिया।

उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आधिकारिक रुख से अलग हटकर यह कदम उठाया।

सिहाग ने कहा कि जब उन्हें यह लगेगा कि किसानों के हितों से समझौता हो रहा है और यदि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग विधेयकों का विरोध करने की उम्मीद करते हैं तो वह इस्तीफा देने से भी नहीं हिचकिचाएंगे।

हालांकि, चौटाला ने विपक्षी कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह किसानों को गुमराह कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘नये कृषि सुधारों में कहीं भी एमएसपी को खत्म करने की बात नहीं कही गई है। ’’

अंबाला में मुलाना से कांग्रेस विधायक वरूण चौधरी पंजोखरा साहिब के पास मंदौर गांव में प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि विधेयक किसानों के लिये नहीं बल्कि जमाखोरों के लिये कवच हैं।

मेहाम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडु ने रोहतक और चरखी दादरी जिलों में प्रदर्शन किया। उन्होंने दावा किया कि ये विधेयक कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘दो अक्टूबर से मैं इन किसान विरोधी कदमों के खिलाफ अनशन पर बैठूंगा। ’’

यमुनानगर में हरियाणा बीकेयू प्रमुख गुरनाम सिंह ने कहा, ‘‘यह देश का दुर्भाग्य है कि किसानों के विरोध के बावजूद ये विधेयक पारित किये गये। ’’

उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।

उन्होंने कहा कि राज्यव्यापी प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे और 17 किसान संगठनों ने अपना समर्थन दिया।

पंजाब कांग्रेस प्रमुख सुनील जाखड़ भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को छोड़ कर सभी दल किसानों के साथ खड़े हैं।

उन्होंने शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की आलोचना करते हुए उन पर शुरुआत में ‘‘काला कानून’’ (कृषि विधेयकों) का समर्थन करने का आरोप लगाया।

भारतीय युवा कांग्रेस प्रमुख श्रीनिवास बी वी ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है और इन कृषि सुधारों को किसान विरोधी करार दिया।

पंजाब युवा कांग्रेस प्रमुख बरिंदर सिंह ढिल्लों ने मोहाली के डेरा बस्सी में मीडिया से कहा कि यह किसानों के अधिकारों की लड़ाई की शुरूआत है।

विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन के प्रतीक के रूप में प्रदर्शनकारियों ने दिन में काले गुब्बारे भी आसमान में छोड़े।

हरियाणा कांग्रेस प्रमुख कुमारी शैलजा ने कहा कि जब कांग्रेस नीत सरकार सत्ता में आएगी तब इस कानून को रद्द कर दिया जाएगा। पार्टी पूरे हरियाणा में जिला मुख्यालयों पर इन विधेयकों के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन करेगी।

राज्यसभा ने रविवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी । लोकसभा में ये विधेयक बृहस्पतिवार को पारित हुए थे।

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