जरुरी जानकारी | कृषि नीति किसानों की आय बढ़ाने वाली हो:पुस्तक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. हाल में प्रकाशित एक पुस्तक में कहा गया है कि किसान समर्थक नीतियों ने कृषि के काम की साधन-सामग्री में कुल मिला कर वृद्धि भले ही हुई हो लेकिन किसानों की आय बढ़ाने में अभी सफलता नहीं मिल सकी है। किताब में कहा गया है कि किसानों को स्थायी रूप से सब्सिडी पर निर्भर बनाये रखने के बजाय उन्हें धीरे-धीरे आत्म निर्भर बनाने की ओर ले जाना चाहिए।

नयी दिल्ली, 16 फरवरी हाल में प्रकाशित एक पुस्तक में कहा गया है कि किसान समर्थक नीतियों ने कृषि के काम की साधन-सामग्री में कुल मिला कर वृद्धि भले ही हुई हो लेकिन किसानों की आय बढ़ाने में अभी सफलता नहीं मिल सकी है। किताब में कहा गया है कि किसानों को स्थायी रूप से सब्सिडी पर निर्भर बनाये रखने के बजाय उन्हें धीरे-धीरे आत्म निर्भर बनाने की ओर ले जाना चाहिए।

उद्यमी आर पी गुप्ता द्वारा लिखित, ‘‘टर्न अराउंड इंडिया 2020: सर्माउंटिंग पास्ट लिगेसी’’ में कहा गया है कि भारत की वृद्धि में उतार चढाव रहता है और कास-समर्थक सुधारों के लिए, सभी हितधारकों के बीच आर्थिक जागरूकता और ‘टीम भावना’ का प्रसार करने की जरूरत है।

इससे यह भी पता चलता है कि अपनी छिपी क्षमता को खोलने के लिए, देश को अपनी औपनिवेशिक विरासत से आगे बढ़ाना होगा और बजाय किसी मजबूरी के दृढ़ विश्वास से ‘मुक्त अर्थव्यवस्था’ को स्वीकार करना होगा।

गुप्ता लिखते हैं कि कृषि नीति में किसानों की आय बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘किसानों को स्थायी रूप से सब्सिडी पर निर्भर रखने के बजाय उन्हें धीरे-धीरे आत्म निर्भर बनाया जाना चाहिए। इसके लिए बहुस्तरीय रणनीति की जरूरत है।’’

उनका कहना है कि महामारी के कारण मौजूदा संकट अभूतपूर्व है और अमीर देश राजकोषीय घाटे को बढ़ाकर और नोट छापकर इससे उबर सकते हैं। लेकिन भारत ‘‘अकेले इन उपायों पर भरोसा नहीं कर सकता,’’ बल्कि उसे राजकोषीय, मौद्रिक और सुधार प्रापेत्साहन जैसे सभी साधनों का आक्रामक रूप से इस्तेमाल करना चाहिए।

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