देश की खबरें | भारत के परामर्श के बाद यूक्रेन में फंसे छात्रों, उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के अपने नागरिकों को यूक्रेन के खारकीव शहर को तुरंत छोड़ने का परामर्श देने से वहां फंसे भारतीय छात्र घबरा गए हैं जबकि उनके माता-पिता ताजा जानकारियों के लिए टेलीविजन और इंटरनेट पर पल-पल की खबरें ले रहे हैं।

नयी दिल्ली, दो मार्च भारत के अपने नागरिकों को यूक्रेन के खारकीव शहर को तुरंत छोड़ने का परामर्श देने से वहां फंसे भारतीय छात्र घबरा गए हैं जबकि उनके माता-पिता ताजा जानकारियों के लिए टेलीविजन और इंटरनेट पर पल-पल की खबरें ले रहे हैं।

दूतावास ने परामर्श में कहा कि जिन्हें वहां से निकलने के लिये कोई वाहन या बस नहीं मिल रही है और जो रेलवे स्टेशन पर हैं, वे पैदल ही पेसोचिन (11 किलोमीटर) , बाबाये (12 किलोमीटर) और बेजलीयुदोव्का (16 किलोमीटर) पहुंचे।

प्रथम वर्ष की मेडिकल की छात्रा रेहम खान ने फोन पर कहा, ‘‘हमें आज फौरन जगह छोड़ने का परामर्श मिला है...यहां बहुत अफरातफरी है। लोगों ने पैदल चलना शुरू कर दिया है लेकिन कहां जाएं? हम बंकरों में रहकर परेशानी में फंसे होने का संदेश भेज रहे थे लेकिन अचानक इस निर्देश से सभी घबरा गए हैं।’’

खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के द्वितीय वर्ष के छात्र की मां आंचल शर्मा अपने बेटे की सलामती की दुआ मांग रही है, जिसने बमबारी की चपेट में आए खारकीव शहर को छोड़ दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा बेटा पेसोचिन के लिए रवाना हो गया है लेकिन जब तक मैं उसकी आवाज नहीं सुन लेती मुझे चैन नहीं आएगा।’’

एक अन्य छात्र प्रगुन ने बताया कि उन्होंने रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए बड़ी मुसीबत झेली लेकिन वह रूसी सेना के हमले से भाग रहे लोगों से खचाखच भरा हुआ था। उसने कहा, ‘‘सभी ट्रेनें भरी हुई थी और हमें उनमें चढ़ने नहीं दिया गया।’’

खारकीव से भेजे एक वीडियो में एक छात्र को कहते हुए सुना गया, ‘‘मैं तीन घंटे तक खारकीव रेलवे स्टेशन पर खड़ा हूं। मैं परामर्श जारी होने से बहुत पहले ही निकल गया था लेकिन हमें ट्रेनों में चढ़ने नहीं दिया गया। हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\