देश की खबरें | शैववाद-वैष्णववाद पर टिप्पणी के बाद द्रमुक मंत्री को पार्टी के अहम पद से हटाया गया

चेन्नई, 11 अप्रैल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता और तमिलनाडु के मंत्री के. पोनमुडी को शुक्रवार को शैववाद और वैष्णववाद को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों के कारण उठे विवाद के बाद पार्टी के अहम पद से हटा दिया गया। इस टिप्पणी की द्रमुक सांसद कनिमोझी सहित कई लोगों ने आलोचना की थी।

द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने घोषणा की कि पोनमुडी को ‘पार्टी के उपमहासचिव पद से मुक्त किया जा रहा है।’ स्टालिन ने एक बयान में यह घोषणा की, लेकिन उन्होंने इस कार्रवाई के लिए कोई कारण नहीं बताया।

यह कदम मंत्री की स्पष्ट रूप से अशोभनीय टिप्पणियों के तुरंत बाद उठाया गया जिससे विवाद पैदा हो गया है। विपक्षी भाजपा ने पोनमुडी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।

मंत्री द्वारा देह व्यापार के संदर्भ में कथित टिप्पणी करने का वीडियो वायरल हो गया है। राज्य के वन मंत्री पोनमुडी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भाजपा की तमिलनाडु इकाई के उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मंत्री पोनमुडी का अपने पद पर बने रहना शर्मनाक है....मुख्यमंत्री स्टालिन, क्या आप पोनमुडी की गिरफ्तारी का आदेश देंगे?’’

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी टिप्पणियों से तमिलनाडु की महिलाओं को बदनाम किया है।

कनिमोझी ने भी अपनी पार्टी के सदस्य पर निशाना साधा। कनिमोझी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मंत्री पोनमुडी का हालिया भाषण स्वीकार्य नहीं है। चाहे जिस कारण से उन्होंने बोला हो, लेकिन ऐसे अश्लील शब्द निंदनीय हैं।’’ तिरुपति ने कनिमोझी द्वारा पोनमुडी की आलोचना का स्वागत किया।

पोनमुडी ने पहले उत्तर भारतीयों को पानी पुरी बेचने से जोड़कर विवाद खड़ा किया था।

उन लोगों पर कटाक्ष करते हुए जो इस बात पर जोर देते हैं कि हिंदी सीखने वालों के लिए नौकरियां उपलब्ध होंगी, उन्होंने हैरानी जताते हुए पूछा था कि शहर (कोयंबटूर) में अभी पानी पूरी कौन बेच रहा है? उनके इस कटाक्ष को इस व्यापार में शामिल मुख्य रूप से हिंदी भाषी विक्रेताओं के स्पष्ट संदर्भ में देखा गया था।

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