जरुरी जानकारी | टाइगर ग्लोबल पर अग्रिम निर्णय प्राधिकरण के आदेश से कर अधिकारियों को मिलेगी शक्ति: विश्लेषक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कर विशेषज्ञों का कहना है कि टाइगर ग्लोबल के मामले में अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) के हालिया फैसले से कर अधिकारियों को द्विपक्षीय संधियों के तहत कर से छूट का दावे करने वाली कंपनियों के विधिक स्वरूप से आगे जा कर उनके असली प्रबंधन व नियंत्रण तंत्र का पता लगाने की शक्ति मिलेगी।

नयी दिल्ली, सात जून कर विशेषज्ञों का कहना है कि टाइगर ग्लोबल के मामले में अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण (एएआर) के हालिया फैसले से कर अधिकारियों को द्विपक्षीय संधियों के तहत कर से छूट का दावे करने वाली कंपनियों के विधिक स्वरूप से आगे जा कर उनके असली प्रबंधन व नियंत्रण तंत्र का पता लगाने की शक्ति मिलेगी।

एएआर ने अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी निवेशक टाइगर ग्लोबल के उस आवेदन को निरस्त कर दिया है जिसमें कंपनी ने 2018 में फ्लिपकार्ट की अपनी हिस्सेदारी वॉलमार्ट को बेचने से हुए पूंजीगत लाभ पर कर में छूट का दावा किया था।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: J&K के सरकारी कर्मचारियों को अब ‘Mera Vatan app’पर मिलेगी- सैलरी, भत्ता और प्रमोशन की पूरी जानकारी.

टाइगर ग्लोबल ने मॉरीशस में गठित अपनी अनुषंगी के माध्यम से फ्लिपकार्ट में निवेश किया था।

एएआर ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी का संचालन तंत्र अमेरिका में है और उसने यह निवेश मारीशस के रास्ते इस लिए किया ताकि भारत-मॉरीशस कर संधि का लाभ लिया जा सके।

यह भी पढ़े | स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइंस- कोरोना के हल्के व बिना लक्षण वाले मरीजों को न करें अस्पतालों में भर्ती, 24 घंटे में किया जाए डिस्चार्ज.

परामर्श प्रदाता कंपनी एकेएम ग्लोबल के टैक्स पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा कि प्रबंधन व नियंत्रण के संबंध में निवेश की संरचनाओं के विश्लेषण के इस नये कोण से कर अधिकारियों को दवों को चुनौती देने का अवसर मिलेगा और मुकदमेबाजी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘(भारत-मॉरीशस) संधि में अभी तक संधि के दुरुपयोग को रोकने के लिये कोई आधाभूत नियम नहीं हैं। कर अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे निवेश के इस प्रकार के विधिक स्वरूपों को कर परिवर्जन विरोधी सामान्य नियमों (जीएएआर) के तहत चुनौती दें और ऐसे फैसलों की मदद लेकर कहें कि ये तरीके कायदे में ठीक नहीं है और ये संधि का दुरुपयोग करने वाले हैं।’’

विशेषज्ञों का कहना है कि एएआर का यह आदेश (टाइगर ग्लोबल के मामले का आदेश) किसी निकाय के निवेश की संरचना की कानूनी संरचना के जगह वस्तुस्थिति और कर संधि के दुरुपयोग (को रोकने) पर बल देता है।

उन्होंने कहा कि कर विभाग संबंधित निकाय के प्रबंधन व नियंत्रण का पता लगाने के लिये भविष्य में बैंक खाते के हस्ताक्षरकर्ता के बारे में विस्तृत जानकारियां मांग सकता है। इसके अलावा वह यह भी पूछ सकता है कि किस तरह से निर्णय लिये जा रहे हैं और कंपनी का निदेशक मंडल कहां है।

सीए कंपनी राजश्री सबनवीस एंड एसोसिएट्स के संस्थापक राजश्री सबनवीस ने कहा, "एएआर के इस फैसले से निश्चित रूप से शेयरों के अप्रत्यक्ष हस्तांतरण के मामलों में होल्डिंग संरचना के प्रबंधन व नियंत्रण के पहलू का आकलन करने के लिये कर अधिकारियों को स्वविवेक का इस्तेमाल करने की अधिक दूट मिलेगी।’’

वॉलमार्ट इंक ने अगस्त 2018 में फ्लिपकार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सेदारी 16 अरब डॉलर में खरीदी थी। फ्लिपकार्ट के 44 शेयरधारकों ने वॉलमार्ट को अपनी हिस्सेदारी बेची थी। इनमें से टाइगर ग्लोबल भी एक थी।

घरेलू कर कानूनों के तहत यदि कोई विदेशी निवेशक खरीद के 24 महीने बाद अपने शेयर बेचता है, तो ऐसे मामलों में 20 प्रतिशत की दर से दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर वसूला जाता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\