देश की खबरें | महाराष्ट्र के जूनियर कॉलेजों में दाखिला: अदालत ने सीईटी के लिए समिति गठित करने पर विचार करने कहा

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मुंबई, 28 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार को आगामी साझा प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के लिए एक साझा प्रश्न पत्र तैयार करने के वास्ते विभिन्न शिक्षा बोर्डों से विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने पर विचार करने का निर्देश दिया।

सीईटी का आयोजन पूरे राज्य में जूनियर कॉलेजों के प्रथम वर्ष में नामांकन के लिए किया जाना है।

न्यायामूर्ति आर डी धानुका और न्यायमूर्ति आर आई चागला की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार के वकील को इस बारे में निर्देश लेने को कहा कि क्या इस तरह की समिति पर अदालत का सुझाव लागू किया जाएगा और एक तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

उच्च न्यायालय आईसीएसई बोर्ड के एक छात्र और हस्तक्षेप याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रहा है, जिनके जरिए 28 मई के एक सरकारी प्रस्ताव को चुनौती दी गई है। दरअसल, उसमें घोषणा की गई है कि 11वीं कक्षा या जूनियर कॉलेजों में नामांकन सीईटी के आधार पर होगा, जो पूरी तरह से एसएससी बोर्ड के पाठ्यक्रम पर आधारित होगा।

अदालत ने कहा कि यह जरूरी है कि राज्य सरकार एक तार्किक समाधान लेकर आए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी छात्र को कोई नुकसान नहीं हो।

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘इसलिए, हम सुझाव देते हैं कि आप एक समिति गठित करें जिसमें सभी बोर्डों के सदस्य हों। उन्हें छात्रों के लिए विकल्प के साथ प्रश्न पत्र तैयार करने दीजिए।’’

अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को चार अगस्त तक इस बारे में सूचित करने का निर्देश दिया है।

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