देश की खबरें | तेजाब से हमला सबसे गंभीर अपराधों में से एक : उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेजाब से हमला करने के एक आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा है कि वह पीड़िता की मनोवैज्ञानिक पीड़ा की अनदेखी नहीं कर सकता।
नयी दिल्ली, छह सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेजाब से हमला करने के एक आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा है कि वह पीड़िता की मनोवैज्ञानिक पीड़ा की अनदेखी नहीं कर सकता।
आरोपी ने लंबे समय तक जेल में रहने के आधार पर जमानत दिए जाने का अनुरोध किया था।
अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधों पर रोक के लिए एक प्रभावशाली निवारक तंत्र स्थापित करना आवश्यक है।
उच्च न्यायालय ने कहा कि तेजाब हमला, "समकालीन समाज में सबसे गंभीर अपराधों में से एक" है और आरोपी के लंबे समय तक कारावास में रहने को न्याय के लिए पीड़िता की प्रतीक्षा के समान ही देखा जाना चाहिए।
आरोपी ने इस आधार पर जमानत दिए जाने का अनुरोध किया था कि इस अपराध के लिए न्यूनतम सजा 10 साल है और वह पहले ही नौ साल न्यायिक हिरासत में बिता चुका है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि तेजाब से हमला बहुत ही गंभीर अपराध है और अक्सर जीवन बदल देने वाले घाव देता है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शारीरिक पीड़ा होती है बल्कि भावनात्मक पीड़ा भी होती है जो कभी ठीक नहीं होते। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में, अदालत की भूमिका न्यायिक संरक्षक के रूप में होती है।
अदालत ने चार सितंबर को अपने आदेश में कहा, "यह अदालत पीड़िता की अनदेखी मनोवैज्ञानिक पीड़ा और उसके जीवनभर बने रहने परिणामों पर अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती... इस घटना से किस प्रकार समाज में कई लड़कियों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हुई होगी।"
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2023 05:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

