देश की खबरें | अकादमियों को जी-20 प्रतिनिधियों को भारतीय सांस्कृतिक पहलुओं से भी अवगत कराना चाहिए: समिति
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नयी दिल्ली, 25 जुलाई संसद की एक समिति ने सिफारिश की है कि भारत में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अकादमियों को पर्यटन प्राधिकरणों और जी-20 हितधारकों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर विभाग से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अकादमी को जी-20 प्रतिनिधियों को सम्मेलन स्थलों से इतर भारतीय सांस्कृतिक खजाने का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, जिससे पर्यटन और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा मिले।
देश में मुख्य रूप से तीन राष्ट्रीय अकादमी हैं। साहित्य को बढ़ावा देने के लिए साहित्य अकादमी, दूसरा दृश्य कला को प्रोत्साहित करने के लिए ललित कला अकादमी और नृत्य, नाटक और संगीत को बढ़ावा देने के लिए संगीत नाटक अकादमी। तीनों भारत की कलात्मक विरासत को बढ़ावा देती हैं।
'राष्ट्रीय अकादमी और अन्य सांस्कृतिक संस्थानों के कामकाज' पर 351वीं रिपोर्ट' सोमवार को संसद के दोनों सदनों में पेश की गई।
रिपोर्ट पर राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय अकादमी और जी-20 सदस्य देशों के सांस्कृतिक संस्थानों के बीच सहयोगात्मक परियोजनाएं शुरू की जा सकती हैं।
इसमें संयुक्त प्रदर्शनी, कार्यक्रम या सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हो सकते हैं।
बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया हैंडल, लाइव स्ट्रीमिंग और वर्चुअल प्रदर्शनियों जैसे डिजिटल मंचों का उपयोग जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय अकादमी सांस्कृतिक पहलों की पहुंच बढ़ाने और वैश्विक दर्शकों को जोड़ने और भौतिक सीमाओं से परे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
संसदीय समिति ने कहा कि कुछ लोग भक्ति गीत, कव्वाली या बॉलीवुड के गीत गाकर ट्रेनों और बसों में पैसे मांगते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि इनमें से अधिकांश शारीरिक रूप से विकलांग होते हैं और कुछ सिर्फ गरीबी के कारण जीविकोपार्जन के लिए ऐसा करते हैं।
समिति ने कहा, "मंत्रालय/अकादमी को ऐसे कलाकारों की पहचान करने के लिए कदम उठाने चाहिए और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उन्हें एक मंच प्रदान करना चाहिए। साथ ही उन्हें मौद्रिक सहायता भी प्रदान करनी चाहिए।"
समिति ने यह भी कहा कि संस्कृति मंत्रालय को कला और संस्कृति के क्षेत्र में सभी राज्यों के समान प्रतिनिधित्व के लिए उपाय करने चाहिए।
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