विदेश की खबरें | जापान के करीब 100 सांसदों ने विवादित स्मारक पर की प्रार्थना

तोक्यो, सात दिसंबर (एपी) जापान के करीब 100 सांसदों के एक समूह ने पर्ल हार्बर पर हमले के 80 वर्षों बाद मंगलवार को तोक्यो में एक स्मारक पर प्रार्थना की, जिसे चीन और कोरियाई देश जापान की युद्धकालीन आक्रामकता के प्रतीक के तौर पर देखते हैं।

प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के मंत्रिमंडल में नौ उप मंत्री और विशेष सहायक समेत कई सांसद उनकी कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं।

जापान ने सात दिसंबर 1941 को पर्ल हार्बर पर हमला किया था, जिसके कारण अमेरिका द्वितीय विश्वयुद्ध में शामिल हुआ था। जापान में यह तारीख आठ दिसंबर है।

जापान की आक्रामकता के पीड़ित खासतौर से चीन और कोरियाई देश यासुकुनी स्मारक को जापान के सैन्यीकरण के प्रतीक के तौर पर देखते हैं, क्योंकि वह दोषी ठहराए गए युद्ध अपराधियों समेत युद्ध में मारे गए लोगों को सम्मानित करता है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि सांसदों का दौरा‘‘जानबूझकर उठाया गया और उकसावे वाला कदम’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘जापान के गणमान्य लोगों का स्मारक का दौरा आक्रमण के इतिहास की ओर जापान के गलत रवैये को फिर से दिखाता है।’’

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने इस स्मारक पर ‘‘बड़े पैमाने’’ पर सांसदों के जाने पर मंगलवार को ‘‘गहन चिंता और खेद’’ जताया। उसने एक बयान में कहा कि जापान को इसके बजाय अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास वापस जीतने के लिए ‘‘विनम्रता और पछतावा’’ दिखाना चाहिए।

किशिदा की पार्टी के वरिष्ठ सदस्य हिदेहिसा ओत्सुजी ने कहा कि समूह ने युद्ध में मारे गए लोगों की आत्माओं से जापान को कोरोना वायरस महामारी से बचाने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया कि उन्हें उम्मीद है कि किशिदा जल्द ही स्मारक पर जाएंगे।

एपी

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