नयी दिल्ली, 24 जुलाई कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने सांसद संजय सिंह को राज्यसभा से मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए जाने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है।
आम आदमी पार्टी ने सभापति जगदीप धनखड़ से आग्रह भी किया कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए संजय सिंह का निलंबन निरस्त करें।
आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन में हंगामा और आसन के निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए वर्तमान मानसून सत्र की शेष अवधि तक के लिए निलंबित कर दिया गया। सभापति जगदीप धनखड़ ने प्रश्नकाल में सिंह को निलंबित करने की घोषणा की। इससे पहले आसन के समीप आए सिंह के नाम का सभापति ने उल्लेख किया।
संजय सिंह के खिलाफ इस कार्रवाई पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘‘यह उचित नहीं है। संप्रग सरकार में कितनी बार ऐसा हुआ राजग के लोग आसन के निकट आकर प्रदर्शन करते थे और उस समय के नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली जी कहते थे कि यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।’’
उन्होंने कहा कि निलंबन की कार्रवाई अनुचित है और वह इसकी घोर निंदा करते हैं।
आम आदमी पार्टी ने ट्वीट किया, ‘‘संसदीय इतिहास का काला दिन। मणिपुर पर सवालों से ‘मौन मोदी’ भाग रहे हैं। प्रधानमंत्री से मणिपुर पर जवाब मांगने के लिए संजय सिंह को संसद के पूरे मानसून सत्र से निलंबित किया गया। आखिरकार प्रधानमंत्री को जवाब देना पड़ेगा।’’
आप सांसद राघव चड्ढा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश का एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य जल रहा है। संजय सिंह ने इस पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि नियम 267 के तहत चर्चा होनी चाहिए...वह अपनी कुर्सी छोड़कर आगे की ओर बढ़े तो सभापति ने उन्हें निलंबित कर दिया।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘संजय सिंह ने ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया कि उन्हें निलंबित कर दिया गया? क्या मणिपुर पर चर्चा की मांग करना अपराध है, क्या मणिपुर के लोगों की आवाज उठाना कोई अपराध है? अगर यह अपराध है तो सिर्फ संजय सिंह ही नहीं, पूरे विपक्ष को निलंबित कर दीजिए और सिर्फ भाजपा के लोगों को बैठाकर सदन चलाइए।’’
चड्ढा ने धनखड़ से आग्रह किया कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करें और इस निलंबन को तत्काल निरस्त करें।
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