देश की खबरें | कोरोना वायरस से संक्रमित गुमशुदा पिता का पता लाने के लिये एक व्यक्ति ने अदालत का रुख किया

चेन्नई, 15 जुलाई चेन्नई में एक व्यक्ति ने एक महीने पहले कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद एक सरकारी अस्पताल से लापता हुए अपने पिता का पता लगाने के लिये मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया है।

बुधवार को जब यह मामला सुनवाई के लिया लाया गया तो पुलिस ने दावा किया कि उन्हें शहर के निगम अधिकारियों से सहयोग नहीं मिल रहा है, जो उस बुजुर्ग व्यक्ति को पहले उनके घर से एक जांच केन्द्र और फिर अस्पताल ले गए थे।

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न्यायमूर्ति एन किरुबाकरण की अध्यक्षता वाली पीठ ने पुलिस की इस टिप्पणी के मद्देनजर बंदी प्रत्यक्षीकरण की इस याचिका में ग्रेटर चेन्नई निगम के आयुक्त को प्रतिवादी पक्ष बनाया। इस याचिका में पुलिस को गुमशुदा या अवैध हिरासत में रखे गए लोगों को पेश करने का निर्देश देने की अपील की जाती है।

अदालत ने पुलिस को जांच तेज करने और 10 दिन के भीतर व्यक्ति का पता लगाने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 24 जुलाई तक स्थगित कर दी।

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याचिकाकर्ता के अनुसार उसके पिता को 15 जून को कोविड-19 के इलाज के लिये जांच केन्द्र से राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल लाया गया था, जहां से वह लापता हो गए थे।

उन्होंने कहा कि निगम का एक स्वच्छता निरीक्षक उनके पिता को एक्कात्तुठांगल जांच केन्द्र ले गया था और बाद में उन्हें बताया गया कि उन्हें यहां किलपॉक मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि कुछ दिन बाद उनके बेटे को पता चला कि उसके पिता को यहां भर्ती ही नहीं कराया गया।

उन्होंने कहा कि पूछताछ में पता चला कि उन्हें 15 जून को आरजीजीजीएच अस्पताल ले जाया गया था। तब से वह लापता हैं और उनका कोई पता नहीं चल पाया है।

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